नई दिल्ली: पूर्वोत्तर भारत के समग्र विकास को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को शिलांग में पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण सत्र की अध्यक्षता करेंगे. इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के विकास से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी.
बैठक में पर्यटन, कृषि, बागवानी, निवेश प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस रहेगा. इसके साथ ही राज्यों और संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा.
आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक के दौरान क्षेत्रीय विकास के अहम क्षेत्रों के लिए गठित मुख्यमंत्री उच्च-स्तरीय कार्य बलों द्वारा किए गए कार्यों और उनकी प्रगति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. इन कार्य बलों की सिफारिशों और उपलब्धियों का मूल्यांकन भी बैठक का प्रमुख हिस्सा होगा.
बैठक में पर्यटन, कृषि एवं बागवानी, निवेश प्रोत्साहन और विभिन्न उत्पादन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को लेकर प्रस्तुतियां दी जाएंगी.
इसके अलावा दूध, अंडे, मछली और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भरता, खेलों को बढ़ावा देने, आर्थिक गलियारा विकास, अवसंरचना एवं संपर्क सुविधाओं के विस्तार तथा हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी.
उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में होने वाले विचार-विमर्श से राज्यों और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा. साझा विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए समन्वित कार्रवाई की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं.
बैठक में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) की प्रमुख पहलों और योजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया जाएगा. विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
पूर्वोत्तर निवेश शिखर सम्मेलन और बैंकर सम्मेलन के परिणामों की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे में शामिल है. इसके साथ ही युवाओं के लिए शुरू की गई पहलों, पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार और क्षेत्र की विशिष्ट पहचान (यूएसपी) आधारित परियोजनाओं की प्रगति पर भी विचार किया जाएगा.