अब होगा ईरान का खात्मा, यूरोपीय देश और जापान ने किया होर्मुज के मसले पर अमेरिका का साथ देने का ऐलान

यूरोपीय देश और जापान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की मदद करने को राजी हो गए हैं.

Date Updated Last Updated : 19 March 2026, 09:49 PM IST
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यूरोपीय देश और जापान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की मदद करने को राजी हो गए हैं. साथ ही उन्होंने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा भी की है. ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और जापान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए मदद करने के लिए तैयार हैं.

इन देशों ने हाल के हमलों को लेकर ईरान की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बिना हथियार वाले व्यावसायिक जहाजों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है. बयान में स्पष्ट किया गया कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी खतरा पैदा करते हैं.

ऊर्जा आपूर्ति पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति होती है. हालिया घटनाओं के कारण कई जहाज इस मार्ग के बाहर फंसे हुए हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा है, जहां ऊर्जा की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बढ़ा है.

संयुक्त प्रयासों की योजना

संबंधित देशों ने कहा है कि वे मिलकर ऐसे कदम उठाएंगे, जिससे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके. इसके साथ ही ऊर्जा उत्पादक देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि वैश्विक बाजार में संतुलन बना रहे.

वैश्विक असर की चेतावनी

इन देशों ने चेतावनी दी है कि इस संकट का असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा. अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव दुनिया भर के लोगों पर पड़ेगा, खासकर उन देशों पर जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं. इसलिए नागरिक ढांचे पर हमले रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है.

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