नई दिल्ली: देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और मई की शुरुआत में ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. जहां एक ओर तेज गर्मी की उम्मीद थी, वहीं अब बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक ने हालात को अलग दिशा दे दी है. कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि ने लोगों को राहत के साथ-साथ चिंता में भी डाल दिया है.
India Meteorological Department के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में मौसम और बिगड़ सकता है. 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, बिजली गिरने और कई इलाकों में ओले पड़ने की संभावना जताई गई है. इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ सकता है.
देश में जारी इस मौसम परिवर्तन के पीछे कई सक्रिय सिस्टम जिम्मेदार हैं. पश्चिमी राजस्थान और हरियाणा के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मिलकर मौसम को अस्थिर बना दिया है.
इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी पूर्वी और मध्य भारत में बारिश को बढ़ा रही है, जिसके चलते एक साथ 17 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवा की गति 40 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कई इलाकों में बिजली गिरने और ओले पड़ने की संभावना है, जिससे फसलों, यातायात और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है.
हालांकि, तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी और लू से राहत जरूर मिलेगी.
दिल्ली-एनसीआर में 4 और 5 मई को मौसम पूरी तरह बदलने की संभावना है. तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे दो दिनों तक मौसम अस्थिर रह सकता है.
हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कई जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है. गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है.
उत्तर प्रदेश में अगले 48 घंटों में मौसम का असर साफ दिखाई देगा. मेरठ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और कानपुर समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का अनुमान है.
तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की आशंका जताई गई है, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.
बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे इलाकों में तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है.
यहां हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ने की आशंका भी जताई गई है.
राजस्थान के सीकर, जयपुर, जोधपुर और बाड़मेर में आंधी और बारिश की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से धूल भरी आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है.
तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है.
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, बठिंडा और पटियाला में तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है.
50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे फसलों को नुकसान और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है.
मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर में 3 से 5 मई के बीच आंधी और बारिश की संभावना है.
कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है.
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार में बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है.
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और कांगड़ा में भी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी.
असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड और मेघालय में लगातार भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
60 से 70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं और लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है.
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आंधी-तूफान और मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.
तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, जिससे मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.