नई दिल्ली: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला को तुर्की में गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रत्यर्पण के बाद उसे भारत लाया जा चुका है। मुंबई के डोंगरी का रहने वाला 59 साल का सलीम डोला कई नारकोटिक्स केस में वांटेड था और लंबे समय से फरार चल रहा था। इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस पर उसे पकड़ा गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से डोला की तलाश में जुटी थीं। अफसरों के मुताबिक सलीम डोला को ढूंढना भूसे के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था। वह बार-बार लोकेशन और पहचान बदलकर बचता रहा। लेकिन आखिरकार एक छोटी सी गलती ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
भारतीय एजेंसियों के डर से सलीम डोला इस्तांबुल भाग गया था। वहां वह पूरी तरह अंडरग्राउंड हो गया। करीब डेढ़ साल तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। उसे लगता था कि वह सुरक्षित है। मगर तभी उससे एक चूक हो गई। शायद उसे अंदाजा भी नहीं था कि यही गलती उसे गिरफ्तार करवा देगी।
दरअसल हाल ही में डोला ने एक कूरियर ऑर्डर किया। जल्दबाजी या लापरवाही में उसने डिलीवरी का पता अपने उसी ठिकाने का दे दिया जहां वह छिपा था। इसी लेन-देन से भारतीय एजेंसियों को सुराग मिला। इंटरपोल की मदद से डोला की लोकेशन ट्रेस की गई। तुरंत इस्तांबुल पुलिस को जानकारी दी गई। छापेमारी में उसे दबोच लिया गया। आगामी मंगलवार (05 मई 2026) को उसे तुर्की से दिल्ली लाया गया।
'हमजा' बनकर रह रहा था डोला
प्राप्त जानकारियों के मुताबिक कमरे की तलाशी में सलीम डोला से तीन पासपोर्ट मिले। दो भारतीय और एक बुल्गारियाई पासपोर्ट। वह तुर्की में बुल्गारियाई पासपोर्ट पर 'हमजा' नाम से रह रहा था। अब जांच हो रही है कि बुल्गारियाई पासपोर्ट असली था या नकली।
गुरुवार (01 मई 2026) को मुंबई की एक अदालत ने डोला को 8 मई 2026 तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में भेज दिया। NCB ने कोर्ट को बताया कि डोला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है और दाऊद इब्राहिम से जुड़ा है। जून 2023 में दक्षिण मुंबई से जब्त की गई मेफेड्रोन की बड़ी खेप का वह मुख्य सप्लायर था।