नई दिल्ली: मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति ने एक नई दिशा पकड़ ली है. मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर हलचल तेज हो गई है और इसी कड़ी में ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच गया है.
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम पाकिस्तान पहुंची है, जहां अमेरिका के साथ संभावित वार्ता की तैयारी की जा रही है. इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराकची सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य अधिकारी शामिल हैं. इस वार्ता के लिए दोनों देशों के कई वरिष्ठ नेता पाकिस्तान के इस्लामाबाद में पहुंचे हैं.
ईरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत शुरू होने से पहले उसकी कुछ शर्तों को स्वीकार करना जरूरी है. इनमें क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत शामिल हैं. यह रुख दिखाता है कि तेहरान किसी भी समझौते में अपने हितों को प्राथमिकता देना चाहता है. इसके साथ ही ईरान अमेरिका के सामने किसी भी प्रकार से झुकना नहीं चाहता है.
इस वार्ता के लिए कई बड़े नेता इस्लामाबाद पहुंचे हैं. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनसेर हेममती और पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद बगेर ज़ोलघाद्र इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे.
Arrival of the delegation of the Islamic Republic of Iran for Islamabad Talks pic.twitter.com/aJYU9cx5t2
— Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) April 10, 2026
वहीं दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से भी एक उच्चस्तरीय टीम वार्ता के लिए रवाना हुई है, जिसका नेतृत्व जे.डी. वेंस कर रहे हैं. उनके साथ विशेष दूत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं, जो इस बातचीत को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस संवेदनशील वार्ता की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है. पाकिस्तान की भूमिका इस समय महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वह दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास कर रहा है.