नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी तीन देशों की आधिकारिक यात्रा के दूसरे चरण के तहत गुरुवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की. इंडोनेशिया का दौरा पूरा कर बुधवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे पीएम मोदी का वहां प्रवासी भारतीयों ने पारंपरिक लोक नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ऐतिहासिक स्वागत किया था. वैश्विक उथल-पुथल के बीच हुई इस शीर्ष स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापारिक, रणनीतिक और रक्षा संबंधों को नया विस्तार देने पर सहमति बनी है.
बदलते वैश्विक परिदृश्य में साझीदारी की अहमियत
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के आपसी तालमेल की सराहना की. पीएम मोदी ने कहा, आज पूरी दुनिया एक अनिश्चित माहौल, सप्लाई चेन की दिक्कतों और गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रही है. ऐसे संकट के समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का एक स्वाभाविक और भरोसेमंद साथी के रूप में मिलकर काम करना बेहद जरूरी हो गया है.
Glad to meet in Melbourne, Prime Minister Albanese.@AlboMP pic.twitter.com/AIutwo2F5b
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
भविष्य की साझीदारी का एक ठोस ढांचा तैयार
उन्होंने आगे कहा कि बीते कुछ वर्षों में दोनों देशों ने अपनी क्षमताओं के दम पर भविष्य की साझीदारी का एक ठोस ढांचा तैयार किया है. साल 2022 में रिकॉर्ड समय में लागू हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इसके बाद से भारत का ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हो चुका है. जिससे दोनों देशों के व्यापारिक हितों को सीधे तौर पर नया बाजार मिला है.
इन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रही दोनों नेताओं की बातचीत
मेलबर्न में आयोजित इस बैठक के दौरान पीएम मोदी और प्रधानमंत्री अल्बनीज के बीच द्विपक्षीय संबंधों को हर मोर्चे पर आगे बढ़ाने के लिए कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई.
रक्षा और सुरक्षा सहयोग: हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना.
व्यापार और निवेश: आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने और दोनों देशों के बाजारों में निवेश को आसान बनाना.
शिक्षा और जन-संवाद: छात्रों की आवाजाही को सरल करने के साथ ही दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करना.
आधुनिक क्षेत्रों में भी सहयोग की नई राहें खुलेंगी
अपनी इस विदेश यात्रा की शुरुआत से पहले जारी बयान में पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया था कि इस दौरे के जरिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उभरती हुई क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी सहयोग की नई राहें खुलेंगी. ऑस्ट्रेलिया में अपने अहम कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस तीन देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव के लिए न्यूजीलैंड रवाना होंगे.
पीएम मोदी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया गया
ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुरुवार को मेलबर्न में बेहद शानदार और गरिमामयी औपचारिक स्वागत किया गया. इस विशेष दौरे के दौरान पीएम मोदी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विशेष सेरेमोनियल कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 'गवर्नमेंट हाउस विक्टोरिया' पहुंचे थे.
#WATCH | Australia | Prime Minister Narendra Modi receives Guard of Honour at the Government House in Melbourne, the official residence of the Governor of Victoria Margaret Gardner AC
— ANI (@ANI) July 9, 2026
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/YE0NAnzwxa
राष्ट्रगान की धुन के बीच सैन्य सलामी
स्वागत समारोह के दौरान ऑस्ट्रेलियाई सेना की टुकड़ी प्रधानमंत्री मोदी के सेरेमोनियल वेलकम के लिए एक कतार में मुस्तैद नजर आई. जैसे ही प्रधानमंत्री मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर भारत के राष्ट्रगान 'जन गण मन' की गूंज से सराबोर हो उठा. इसके बाद पीएम मोदी ने सेना की टुकड़ी का निरीक्षण किया और गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी स्वीकार की.