अमेरिका में जन्म लेना अब नहीं होगा नागरिकता की गारंटी! ट्रंप का सबसे बड़ा फैसला

ट्रंप ने बर्थराइट नागरिकता और बर्थ टूरिज्म पर सख्ती बढ़ाते हुए दो नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं. इन आदेशों से गैर-अमेरिकी माता-पिता के बच्चों की नागरिकता और अमेरिका में जन्म देने के लिए आने वाली विदेशी महिलाओं पर असर पड़ सकता है.

Date Updated Last Updated : 07 August 2026, 09:53 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थराइट नागरिकता और बर्थ टूरिज्म को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. ट्रंप ने गुरुवार को इस मुद्दे से जुड़े दो नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए। व्हाइट हाउस के अनुसार, इन आदेशों का उद्देश्य उन मामलों को सीमित करना है, जहां अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिलने का दावा किया जाता है.

क्या है बर्थराइट नागरिकता?

अमेरिका में बर्थराइट नागरिकता का मतलब उस व्यवस्था से है, जिसके तहत देश की जमीन पर जन्म लेने वाले बच्चे को आमतौर पर अमेरिकी नागरिक माना जाता है. यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन की नागरिकता संबंधी धारा से जुड़ा है.

ट्रंप लंबे समय से इस व्यवस्था में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि मौजूदा नियमों का कुछ मामलों में गलत इस्तेमाल किया जाता है. नए आदेशों में खासतौर पर उन स्थितियों पर ध्यान दिया गया है, जहां बच्चे के माता-पिता अमेरिकी नागरिक नहीं हैं और अमेरिका में उनकी स्थिति अस्थायी या अनधिकृत है.

बर्थ टूरिज्म पर भी सख्ती

ट्रंप के नए आदेशों में बर्थ टूरिज्म को रोकने पर भी जोर दिया गया है. बर्थ टूरिज्म उस स्थिति को कहा जाता है, जब विदेशी महिलाएं बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आती हैं, ताकि उनके बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके.

अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से इस प्रथा पर रोक लगाने की कोशिश करता रहा है. 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी ऐसे नियम लागू किए गए थे, जिनके तहत अगर कोई व्यक्ति मुख्य रूप से बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से टूरिस्ट या बिजनेस वीजा का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

आदेशों को मिल सकती है कानूनी चुनौती

ट्रंप के नए फैसले पर विवाद बढ़ने की संभावना है. नागरिक अधिकार संगठनों का कहना है कि बर्थराइट नागरिकता को सीमित करने की कोशिश संविधान के 14वें संशोधन से टकरा सकती है. ऐसे में इन आदेशों को अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना है.

बर्थ टूरिज्म के पैमाने को लेकर भी कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. हालांकि, 2020 में सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज ने अनुमान लगाया था कि 2016-17 के दौरान करीब 20 हजार से 25 हजार महिलाएं बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से अमेरिका आई थी. ट्रंप के नए आदेशों के बाद बर्थराइट नागरिकता और इमिग्रेशन नीति पर बहस फिर तेज हो गई है.

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