नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहा उनका आधिकारिक हेलीकॉप्टर मरीन वन मंगलवार को वॉशिंगटन के आसमान में एक यात्री विमान के काफी करीब पहुंच गया. यह घटना रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के आसपास हुई. घटना के बाद अमेरिकी हवाई यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का हेलीकॉप्टर व्हाइट हाउस के पास स्थित एलिप्स से ज्वाइंट बेस एंड्रयूज के लिए रवाना हुआ था. इसके लगभग एक मिनट बाद एनवॉय एयर का एक यात्री विमान रीगन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरकर आगे बढ़ा.
NEW: STATter911 video showing a jet departing Runway 1 at DCA as the helicopter with President Trump was over East Potomac Park heading toward Joint Base Andrews. As @WSJ reports, the normal procedure of stopping commercial flights at Reagan National did not occur this afternoon… https://t.co/l3qGgDvXfa pic.twitter.com/lj4K19818w
— Dave Statter (@STATter911) August 5, 2026
कुछ देर बाद मरीन वन भी एयरपोर्ट की दिशा में बढ़ा. इस दौरान दोनों विमान निर्धारित सुरक्षा दूरी के मुकाबले काफी करीब आ गए. अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर इसे 'लॉस ऑफ सेपरेशन' की घटना बताया है. इसका मतलब है कि दो विमानों के बीच नियमानुसार जरूरी दूरी बरकरार नहीं रह सकी.
अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के नियमों के अनुसार, इस क्षेत्र में विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज दूरी और 500 फीट की ऊंचाई का अंतर बनाए रखना जरूरी है.
हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों विमान सीधे एक-दूसरे की ओर नहीं जा रहे थे. इसके बावजूद उनके बीच निर्धारित सुरक्षा अंतर से कम दूरी रह गई. राहत की बात यह है कि घटना के दौरान किसी विमान में मौजूद लोगों को तत्काल खतरा नहीं हुआ और दोनों विमान सुरक्षित अपने मंजिल तक पहुंच गए.
बताया जा रहा है कि मरीन वन के पायलटों ने उड़ान से कुछ मिनट पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अपनी उड़ान की जानकारी देने की कोशिश की थी, लेकिन रेडियो संचार में आई परेशानी के कारण यह संदेश सही तरीके से एयर ट्रैफिक कंट्रोल तक नहीं पहुंच सका. इसके बाद यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति मिल गई और दोनों विमानों के रास्ते कुछ समय के लिए एक-दूसरे के करीब आ गए.
इस घटना की जांच FAA कर रहा है और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) भी मामले की समीक्षा कर रहा है. यह मामला इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जनवरी 2025 में इसी एयरपोर्ट के पास एक सैन्य हेलीकॉप्टर और यात्री विमान की टक्कर हुई थी, जिसमें 67 लोगों की मौत हुई थी.