अंबानी को पछाड़कर एशिया के नए किंग बने गौतम अडाणी, नंबर वन अरबपति का ताज किया हासिल

गौतम अडाणी ने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का ताज हासिल कर लिया है. ब्लूमबर्ग इंडेक्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर हो गई है.

Date Updated Last Updated : 17 April 2026, 10:33 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: X

एशिया के अरबपतियों की सूची में एक बार फिर बड़ा बदलाव आया है. अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पछाड़कर एशिया का सबसे धनी व्यक्ति बनने का गौरव हासिल किया है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अडाणी अब वैश्विक स्तर पर 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं. उनकी कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर हो गई है, जबकि अंबानी 90.8 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं.

अडाणी की संपत्ति में जबरदस्त उछाल

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को मामूली गिरावट देखी गई. सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16 फीसदी टूटकर 77,988.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 34.55 अंक यानी 0.14 फीसदी की कमी के साथ 24,196.75 पर रहा. लेकिन इसके बावजूद अडाणी ग्रुप के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली. इस उछाल की वजह से अडाणी की नेटवर्थ में एक ही दिन में 3.56 अरब डॉलर का इजाफा हो गया. वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर स्थिर रहे, जिससे मुकेश अंबानी की संपत्ति में मात्र 76.7 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई.

अंबानी की नेटवर्थ में 16.9 अरब डॉलर की गिरावट

वैश्विक अरबपतियों की सूची में गौतम अडाणी अब 19वें पायदान पर हैं. इस साल उनकी संपत्ति में 8.10 अरब डॉलर की जबरदस्त वृद्धि हुई है. इसके विपरीत, मुकेश अंबानी के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है. उनकी नेटवर्थ में 16.9 अरब डॉलर की गिरावट आई है, जिससे वे वैश्विक सूची में 20वें स्थान पर आ गए हैं. हैरानी की बात यह है कि दुनिया के शीर्ष 20 सबसे अमीर लोगों में से सात की संपत्ति में इस साल कमी आई है.

लगातार बढ़ रही अडाणी की संपत्ति

सबसे बड़ा नुकसान फ्रांसीसी कारोबारी बर्नार्ड अरनॉल्ट को हुआ है, जिनकी 44 अरब डॉलर की संपत्ति डूब गई है. इसके अलावा, वॉरेन बफे, बिल गेट्स और लैरी एलिसन जैसी दिग्गज हस्तियों की नेटवर्थ में भी 2026 में गिरावट दर्ज की गई है. विशेषज्ञों के अनुसार, अडाणी ग्रुप के लगातार विस्तार और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के चलते अडाणी की संपत्ति लगातार बढ़ रही है, जबकि दूसरे उद्योगपतियों को बाजार में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा है.

सम्बंधित खबर