इससे पहले शनिवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में 87-91 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी. वहीं, CNG की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ है. 15 मई से शुरू हुए संशोधन के बाद अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है.
ताजा संशोधन के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल की कीमत 92.49 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई.
दिल्ली: 102.12 रुपये (+2.61)
कोलकाता: 113.51 रुपये (+2.87)
मुंबई: 111.21 रुपये (+2.72)
चेन्नई: 107.77 रुपये (+2.46)
डीजल की कीमतों में भी बड़ा इजाफा
चारों महानगरों में डीजल के नए रेट
दिल्ली: 95.20 रुपये (+2.71)
कोलकाता: 99.82 रुपये (+2.80)
मुंबई: 97.83 रुपये (+2.81)
चेन्नई: 99.55 रुपये (+2.57)
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में CNG का दाम 80.09 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 81.09 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है. आसपास के शहरों में भी कीमतों में इजाफा हुआ है.
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये की कमजोरी के कारण तेल कंपनियों की आयात लागत बढ़ गई है. इसी दबाव के चलते सरकारी तेल कंपनियां लगातार कीमतों में संशोधन कर रही हैं. बढ़ती कीमतों से महंगाई और ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने की चिंता भी तेज हो गई है.
15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर तक दाम बढ़ाए गए. अब सोमवार की ताजा बढ़ोतरी के बाद आम लोगों पर ईंधन का बोझ और बढ़ गया है.
मार्च में पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे. वहीं सेल ने 1 अप्रैल से पेट्रोल की कीमत में 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 25 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया था. हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और BP Plc की संयुक्त कंपनी Jio-BP ने सरकारी कंपनियों के साथ तालमेल में कीमतें तय कीं.
शनिवार की बढ़ोतरी के बाद मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपये और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर हो गया था. कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपये और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था. वहीं चेन्नई में पेट्रोल 105.31 रुपये और डीजल 96.98 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था.
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) मिलकर देश के करीब 90 फीसदी ईंधन बाजार को नियंत्रित करती हैं.
सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक बढ़ती लागत के बावजूद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं किया था. सरकार का कहना था कि यह कदम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देने के लिए उठाया गया. वहीं विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण राज्य चुनावों तक कीमतों में बढ़ोतरी को जानबूझकर रोका गया.
Crisil के मुताबिक, पहले की बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था. ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई 2022 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं.