नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बेलडांगा में 16 साल के इकबाल शेख की कहानी इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. इकबाल का दावा है कि पानी से बाहर निकलते ही उसके पूरे शरीर में तेज जलन होने लगती है, जबकि तालाब में उतरते ही उसे राहत मिलती है. यही वजह है कि पिछले करीब पांच साल से उसका ज्यादातर समय तालाब के पानी में बीत रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इकबाल बेलडांगा और आसपास के अलग-अलग तालाबों में कई दिनों तक रहता है. कभी वह चार-पांच दिन लगातार पानी में रहता है तो कभी यह अवधि करीब एक सप्ताह तक पहुंच जाती है.
इकबाल के लिए तालाब अब सिर्फ पानी की जगह नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है. इकबाल के इस अजीब व्यवहार की वजह को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. किशोर का मानना है कि किसी अदृश्य शक्ति, जिन्न या परी की वजह से उसे परेशानी होती है. उसका कहना है कि पानी से बाहर आते ही बेचैनी और जलन बढ़ जाती है और पानी में वापस जाने के बाद उसे कुछ राहत मिलती है.
लगातार कई दिनों तक पानी में रहने का असर अब इकबाल के शरीर पर भी दिखाई देने लगा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके हाथ-पैर और शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा पीली पड़ गई है. उसे सर्दी और खांसी जैसी परेशानियां भी होने लगी हैं. इकबाल का कहना है कि उसने स्थानीय ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन उसे अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी अस्पताल में इलाज कराना भी उसके लिए आसान नहीं है.
इकबाल के बारे में जानकारी फैलने के बाद आसपास के लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ गई है. स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों की भीड़ उसे देखने के लिए तालाब के किनारे पहुंचने लगी है. कुछ लोग उसके लिए चूड़ा, बिस्कुट और दूसरी खाने की चीजें भी लेकर आते हैं. हालांकि, उसे तालाब से बाहर निकालकर घर ले जाना आसान नहीं रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि उसे समझाकर वापस घर भेजने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन वह पानी छोड़ने को तैयार नहीं होता.
इकबाल के अलौकिक शक्तियों से जुड़े दावों के बीच एक संभावित मेडिकल कारण की भी चर्चा हो रही है. उसके बताए लक्षण एक्वाजेनिक प्रुरिटस नाम की दुर्लभ त्वचा संबंधी समस्या से मिलते-जुलते हो सकते हैं. इस स्थिति में पानी के संपर्क के बाद त्वचा पर तेज खुजली, चुभन या जलन महसूस हो सकती है. हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि इकबाल इसी बीमारी से पीड़ित है.