लखनऊ: महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का उद्घाटन शुक्रवार यानी आज होगा. गोमती नदी के किनारे-किनारे चलने वाला यह कॉरिडोर जिसे अक्सर राजधानी शहर की जीवनरेखा कहा जाता है. मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री समतामूलक के पास रिबन काटकर प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे और उसके बाद झूलेलाल वाटिका में एक जनसभा को संबोधित करेंगे.
अथॉरिटी के अधिकारी अभी समर्पण समारोह की तैयारियों में व्यस्त हैं. मनकामेश्वर मंदिर के सामने की तरफ होने वाली इस जनसभा में दस हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है. इस रास्ते पर जो समतामूलक से निशातगंज, निशातगंज से हनुमान सेतु, हनुमान सेतु से डालीगंज, और डालीगंज से पक्का पुल तक फैला है, पुलों और रोड ओवर ब्रिज (ROB) सहित कई तरह के निर्माण किए गए हैं.
प्रोजेक्ट का पहला चरण सात किलोमीटर लंबा है, जबकि दूसरा चरण चार किलोमीटर का है. लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA अभी IIM रोड से किसान पथ तक फैला हुआ 28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बना रहा है. इस पहल से शहर के विकास को एक नई गति मिलने की उम्मीद है. दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे और निशातगंज के बीच लगभग ₹130 करोड़ की कुल लागत से तीन मुख्य विकास कार्य पूरे किए गए.
सड़क चौड़ी होने से निशातगंज और कुकरैल चौराहे भी ज्यादा कुशल और काम करने में बेहतर होने की उम्मीद है. इसके अलावा ग्रीन कॉरिडोर लखनऊ के 'नए' और 'पुराने' इलाकों के बीच की दूरी को कम करेगा. ग्रीन कॉरिडोर के किनारे बागवानी और सौंदर्यीकरण का काम भी किया गया है. इसके बाद प्रोजेक्ट के तीसरे और चौथे चरण का काम जारी रहेगा.
चरण 1: IIM रोड से पक्का पुल तक, यह काम पूरा हो चुका है.
चरण 2: पक्का पुल से पिपराघाट तक, यह काम भी पूरा हो चुका है.
चरण 3: पिपराघाट से शहीद पथ तक, इस चरण को भी हरी झंडी मिल गई है.
चरण 4: शहीद पथ से किसान पथ तक, इस चरण की तैयारियां अभी चल रही हैं.
कार्यक्रम स्थल पर पंडाल लगाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है. प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में KGMU के पास केवल ROB यानी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य ही चल रहा है. बाकी पूरा रास्ता पूरा हो चुका है और इस्तेमाल के लिए तैयार है. समारोह में लोगों को लाने-ले जाने के लिए 300 बसों का बेड़ा लगाया गया है. इनमें से 200 बसें शहरी इलाकों के लिए और 100 बसें ग्रामीण इलाकों के लिए तय की गई हैं.