पंजाब की महिलाओं को मान सरकार का तोहफा, 1 जुलाई को एक साथ आएगी 3 महीने की 'मांवां-धीयां सत्कार राशि'

पंजाब में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है. उन्होंने बताया कि 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत के लिए अब कुछ ही दिनों का समय बचा है. आगामी 1 जुलाई को प्रदेश की महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी.

Date Updated Last Updated : 22 June 2026, 11:27 AM IST
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पंजाब: पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य की महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. आगामी 1 जुलाई को पंजाब की लाखों पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी.

'लोक मिलनी' कार्यक्रम

फतेहगढ़ साहिब हलके के ऐतिहासिक गांव चनारथल कलां में करोड़ों रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए यह घोषणा की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह योजना केवल चुनावी वादा नहीं है.

सीधे बैंक खातों में जाएगी सम्मान राशि

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कार्यक्रम में वित्तीय सहायता के आंकड़ों को विस्तार से साझा किया. उन्होंने बताया कि ठीक नौ दिन बाद यानी 1 जुलाई को राज्य की 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके बैंक खातों में पैसे जमा होने के संदेश प्राप्त होने शुरू हो जाएंगे. सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीधा लाभ हस्तांतरण (DBT) माध्यम चुना है, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या बिचौलियों की गुंजाइश न रहे.

 महिलाओं को दी जाएगी सहायता 

अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी: इस वर्ग से संबंधित माताओं-बहनों को 1,500 प्रति माह की दर से तीन महीने की पहली किस्त के रूप में कुल 4,500 सीधे उनके खाते में मिलेंगे.

सामान्य एवं अन्य श्रेणियां: अन्य सभी श्रेणियों की पात्र महिलाओं को 1,000 प्रति माह के हिसाब से तीन महीने की किस्त के रूप में कुल 3,000 दिए जाएंगे.

सामाजिक सुरक्षा पेंशन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो बुजुर्ग या जरूरतमंद महिलाएं पंजाब सरकार से पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन (वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन) प्राप्त कर रही हैं. उन्हें इस योजना से बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि वे भी इस सम्मान राशि की पूरी हकदार होंगी. सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस पहल का लाभ पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा. इस विशाल कल्याणकारी कदम को जमीन पर उतारने के लिए पंजाब सरकार ने अपने बजट में 9,300 करोड़ का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान किया है.

बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून

धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने 'जगतज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026' का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि परमात्मा ने उन्हें सिख समुदाय और दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं की रक्षा करने वाले इस ऐतिहासिक कानून को लागू करने का अवसर दिया.

नए कानून की बारीकियों को समझाया

पिछली सरकारों के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं पर दुख जताते हुए सीएम मान ने नए कानून की बारीकियों को समझाया. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि घृणित अपराध करने के बाद अपराधी कानूनी जवाबदेही और कड़ी सजा से बचने के लिए खुद को मानसिक रूप से अस्वस्थ या मानसिक बीमारी से पीड़ित बता देते हैं. अदालतों में ऐसी दलीलें देकर अपराधी सालों से बचते आ रहे थे.

मानसिक बीमारी का बहाना बनाने वालों पर कड़ा प्रहार

इस कानूनी खामी को हमेशा के लिए बंद करने के लिए पंजाब सरकार ने नए संशोधन में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व प्रावधान जोड़ा है. मुख्यमंत्री ने कहा, यदि कोई व्यक्ति किसी धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी करता है और बाद में उसे वास्तव में मानसिक रूप से बीमार घोषित कर दिया जाता है, तो कानून अब उसे भी नहीं छोड़ेगा. ऐसी स्थिति में उस मानसिक रोगी के माता-पिता, कानूनी अभिभावक या उसकी देखभाल करने वाले व्यक्तियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा और उन्हें समान रूप से आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई मानसिक रूप से बीमार है, तो वह केवल पवित्र धार्मिक ग्रंथों को ही निशाना क्यों बनाता है? वह किसी ट्रेन के आगे क्यों नहीं कूद जाता या बिजली की नंगी तारों को क्यों नहीं पकड़ता? इससे साफ है कि ऐसी घटनाएं जानबूझकर और गहरी साजिश के तहत की जाती हैं.

अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा पर मुख्यमंत्री का हमला

भगवंत सिंह मान ने अपने संबोधन में सूबे के विपक्षी दलों पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए. शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अकाली नेतृत्व पंजाब की जमीनी हकीकत से कोसों दूर महलों के ऐशो-आराम में पला-बढ़ा है. सुखबीर बादल को पंजाब की भौगोलिक स्थिति तक का सही ज्ञान नहीं है और वे पंजाब में उगाई जाने वाली दो सामान्य फसलों के बीच का अंतर भी नहीं बता सकते.

कांग्रेस पार्टी पर कसा तंज

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर भी करारा तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब में अपनी अंतिम सांसें गिन रही है और जल्द ही अप्रासंगिक हो जाएगी क्योंकि उनके पास पंजाब के विकास के लिए न तो कोई स्पष्ट दृष्टिकोण है और न ही भविष्य का कोई रोडमैप.

पंजाब सरकार पूरी तरह सतर्क

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी पंजाब के मतदाताओं को सचेत किया. उन्होंने कहा कि भारत चुनाव आयोग द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा गैर-भाजपा शासित राज्यों की तरह पंजाब में भी वैध और असली वोटों को काटने के लिए इस प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है. 

मुफ्त बिजली और 10 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज

पिछली सरकारों के मुख्यमंत्रियों से अपनी तुलना करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले के मुख्यमंत्री आलीशान महलों की ऊंची दीवारों के पीछे बंद रहते थे और बाहर का तापमान देखकर ही जनता के बीच निकलते थे. इसके विपरीत, 'आप' सरकार आम लोगों की अपनी सरकार है जो 24 घंटे जनता की सेवा के लिए उपलब्ध रहती है.

'आप' सरकार का रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि राज्य का खजाना अब सुरक्षित है और उसका एक-एक पैसा लोगों की भलाई पर खर्च हो रहा है. वर्तमान में पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को 'जीरो' बिजली बिल मिल रहा है, और राज्य के इतिहास में पहली बार किसानों को खेती के लिए दिन के समय बिना किसी रुकावट के बिजली की आपूर्ति दी जा रही है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जहां केंद्र सरकार देश भर में सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में बेच रही है, वहीं पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट को खरीदकर उसका नाम 'श्री गुरु अमरदास जी' के नाम पर रखकर एक नया इतिहास रचा है.

'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना'

स्वास्थ्य क्षेत्र की क्रांति का जिक्र करते हुए सीएम मान ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' की सराहना की. उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जो अपने प्रत्येक निवासी परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख तक का सार्वभौमिक कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान कर रहा है. मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि अब तक पंजाब के लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ से अधिक का बिल्कुल मुफ्त और बेहतरीन इलाज विभिन्न अस्पतालों से प्राप्त कर चुके हैं.

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