अमरगढ़: तीज पर्व के पावन अवसर पर अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय विधायक प्रोफेसर जसवंत सिंह गज्जन माजरा की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पारंपरिक पोशाकों में सजी-धजी महिलाओं के लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से पूरा माहौल पंजाबी संस्कृति के रंगों में सराबोर हो गया।
'मावां-धियां सत्कार योजना' बनी चर्चा का केंद्र
उत्सव के दौरान महिलाओं ने केवल तीज की खुशियां ही साझा नहीं कीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में (जुलाई 2026) शुरू की गई ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ पर भी व्यापक चर्चा की। उपस्थित महिलाओं ने खुशी जताते हुए कहा कि पहली बार किसी सरकार ने उनकी दैनिक जरूरतों और आर्थिक स्वावलंबन को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। योजना के तहत मिल रही मासिक वित्तीय सहायता से उनका आत्मविश्वास और आर्थिक सम्मान बढ़ा है।
सांस्कृतिक विरासत और विकास का संगम
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जन माजरा ने कहा कि तीज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि पंजाब की नारी शक्ति, उनकी खुशियों और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अमरगढ़ हलके में चल रही विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि खेतों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम जारी है।
राजनीतिक रूप से भी मुखर दिख रही हैं महिलाएं
समारोह में महिलाओं की व्यापक उपस्थिति इस बात का प्रमाण रही कि अमरगढ़ की महिलाएं अब केवल सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के विकास और राजनीतिक परिदृश्य को लेकर भी जागरूक हैं। आगामी चुनावों पर बात करते हुए अनेक महिलाओं ने राय व्यक्त की कि विकास कार्यों को निरंतर बनाए रखने के लिए मान सरकार को दोबारा अवसर मिलना चाहिए।
तीज के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि अमरगढ़ में महिलाओं की भूमिका अब केवल सांस्कृतिक उत्सवों तक सीमित न रहकर क्षेत्र की प्रगति और राजनीतिक बदलाव की एक सशक्त आवाज बन चुकी है।