नाग पंचमी पर नाग पूजा का क्या है महत्व? जानें शिवजी के गले में नाग होने का कारण

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा को हिंदू धर्म में सुख-शांति, सुरक्षा और प्रकृति के प्रति सम्मान से जुड़ा माना जाता है. भगवान शिव के गले में वासुकी नाग भय और मृत्यु पर नियंत्रण के साथ शक्ति, संयम और नकारात्मक भावनाओं पर विजय का प्रतीक माना जाता है.

Date Updated Last Updated : 17 August 2026, 10:06 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व नाग देवता की पूजा और प्रकृति के प्रति सम्मान से जुड़ा माना जाता है. सावन महीने में आने वाले इस पर्व पर नागों की पूजा करने की परंपरा सदियों पुरानी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन नाग देवता की आराधना करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा होती है. इस बार नाग पंचमी और सावन सोमवार एक ही दिन पड़ने से भगवान शिव की पूजा का महत्व भी बढ़ गया है.

नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा क्यों?

धार्मिक मान्यताओं में नागों को देव स्वरूप माना गया है. नाग पंचमी के दिन लोग नाग देवता की प्रतिमा या चित्र की पूजा करते हैं. फूल, अक्षत और अन्य पूजा सामग्री अर्पित कर परिवार की सुरक्षा और खुशहाली की प्रार्थना की जाती है.

नाग पंचमी का संबंध खेती और प्रकृति से भी जोड़ा जाता है. सांप खेतों में चूहों और दूसरे नुकसान पहुंचाने वाले जीवों को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं. इसलिए इस पर्व को इंसान और प्रकृति के बीच संतुलन का प्रतीक भी माना जाता है.

शिवजी के गले में कौन सा नाग है?

पौराणिक कथाओं में भगवान शिव के गले में विराजमान नाग को वासुकी नाग बताया गया है. समुद्र मंथन की कथा में भी वासुकी का महत्वपूर्ण स्थान मिलता है. देवताओं और असुरों ने वासुकी को मंदराचल पर्वत के चारों ओर लपेटकर मंथन किया था. शिवजी के गले में नाग का स्वरूप केवल आभूषण के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसके पीछे गहरा प्रतीकात्मक अर्थ भी माना जाता है.

नाग धारण करने का क्या संदेश है?

नाग को कई धार्मिक परंपराओं में भय, मृत्यु और शक्ति से जोड़ा गया है. ऐसे में भगवान शिव का नाग को गले में धारण करना इस बात का प्रतीक माना जाता है कि महादेव भय और मृत्यु से ऊपर हैं. इसके अलावा नाग को ऊर्जा और समय का प्रतीक भी माना जाता है. शिव का उस पर नियंत्रण मनुष्य को अपनी इच्छाओं, क्रोध और भय पर संयम रखने का संदेश देता है.

नाग पंचमी पर क्या सावधानी रखें?

इस दिन सांपों को पकड़ना या उन्हें परेशान करना उचित नहीं माना जाता. जीवित सांपों को दूध पिलाने की परंपरा कुछ स्थानों पर है, लेकिन सांपों के लिए दूध प्राकृतिक भोजन नहीं है. पूजा के लिए नाग देवता की प्रतिमा या तस्वीर का इस्तेमाल करना बेहतर है.

डिस्क्लेमर: लेख में दी गई बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं. इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए.

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