पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. जनता दल ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है, जिसके बाद यह चर्चा जोर पकड़ने लगी है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोबारा पार्टी की कमान संभालेंगे. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उनके राज्यसभा जाने और पार्टी की रणनीति में संभावित बदलाव को लेकर अटकलें पहले से ही तेज हैं.
पार्टी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 22 मार्च को दाखिल होंगे, 23 मार्च को उनकी जांच की जाएगी और 24 मार्च नाम वापसी की आखिरी तारीख है. अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में होते हैं तो 27 मार्च को मतदान कराया जाएगा. वहीं, यदि केवल एक ही उम्मीदवार होता है तो उसी दिन नए अध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी.
रिपोर्ट्स की मानें तो, नीतीश कुमार का दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है. उन्होंने इससे पहले वह 29 दिसंबर 2023 को यह जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जिसके बाद पार्टी संगठन और सरकार दोनों पर उनकी पकड़ मजबूत रही.
ऐसे में उनके पुनर्निर्वाचन को औपचारिक प्रक्रिया माना जा रहा है. बता दें राज्यसभा के लिए नीतीश कुमार को चुनने के लिए जिस दिन मतदान हुआ, उसी दिन इन तारीखों की घोषणा की गई थी
हाल के घटनाक्रम में चर्चा हो रही है कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो सकते हैं. चुनाव में उन्हें प्रथम वरीयता के 44 वोट मिले. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने इस चुनाव में सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. राजनीति के दिग्गजों का मानना है कि उच्च सदन में उनकी मौजूदगी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दे सकती है.
नीतीश कुमार ने सहरसा में एक जनसभा के दौरान साफ किया कि वे बिहार की राजनीति से दूर नहीं जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे राज्य के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे. उनके इस बयान से उन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की गई, जिनमें उनके सक्रिय राजनीति से पीछे हटने की बात कही जा रही थी.