नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा वोटिंग का आदेश दिया है। शनिवार (02 मई 2026) को जारी निर्देश में आयोग ने कहा कि 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान "गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने" की शिकायतें मिली थीं। इसी के बाद सभी पोलिंग बूथों पर नए सिरे से मतदान कराने का फैसला लिया गया।
आपको बताते चलें कि चुनाव आयोग ने साफ किया कि फलता विधानसभा के सभी 285 पोलिंग स्टेशनों पर वोटिंग रद्द कर दी गई है। इसमें सहायक बूथ भी शामिल हैं। आयोग को बड़ी संख्या में पोलिंग स्टेशनों से अनियमितताओं की रिपोर्ट मिली थी।
आधिकारिक बयान में कहा गया, “144-फलता विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल 2026 को वोटिंग के दौरान गंभीर चुनावी अपराधों पर विचार करने के बाद, ECI निर्देश देता है कि सभी 285 पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा वोटिंग कराई जाए।”
घोषित कार्यक्रम के मुताबिक फलता में दोबारा वोटिंग 21 मई 2026 को होगी। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। इसके बाद वोटों की गिनती 24 मई को की जाएगी।
यह फैसला दक्षिण 24 परगना जिले के इस इलाके में भारी विरोध प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद आया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रधान इसराफिल ने उन्हें धमकाया है। इसराफिल को TMC उम्मीदवार जहांगीर खान का करीबी बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसराफिल ने 4 मई 2026 को नतीजे आने के बाद हिंसा और आगजनी की धमकियां दीं। इसके बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने वोटों की गिनती के बाद सुरक्षा की मांग की और दोबारा वोटिंग कराने की अपील की।
गौरतलब है कि प्रदर्शनकारियों ने हासिमनगर गांव में सड़क जाम कर दी। इनमें BJP के झंडे लिए महिलाएं भी शामिल थीं। हालात तनावपूर्ण होने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया। CRPF ने मौके पर पहुंचकर लोगों को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।