भूषण मर्डर केस को लेकर बिहार के CM को 48 घंटे का आखरी अल्टीमेटम!

मंगलवार (28 अप्रैल 2026) की शाम करीब 4 बजे तीन हथियारबंद बदमाश सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुस आए। वे सीधे सभापति राज कुमार गुड्डू के चैंबर में पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

Date Updated Last Updated : 28 April 2026, 11:36 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े हत्या से सरकारी महकमे में उबाल है। बिहार नगर सेवा संघ ने CM सम्राट की सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर के नगर निकायों के अफसर हड़ताल पर चले जाएंगे।

कैसे हुई ये वारदात   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगलवार (28 अप्रैल 2026) की शाम करीब 4 बजे तीन हथियारबंद बदमाश सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुस आए। वे सीधे सभापति राज कुमार गुड्डू के चैंबर में पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। वहां मौजूद ईओ कृष्ण भूषण कुमार निहत्थे ही अपराधियों से भिड़ गए।

उन्होंने सभापति को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान बदमाशों ने उनके माथे पर गोली मार दी। सभापति गुड्डू को भी सिर में गोली लगी। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। भागलपुर ले जाते समय रास्ते में ईओ ने दम तोड़ दिया। सभापति की हालत अब भी नाजुक है और मायागंज अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आपको बताते चलें कि कृष्ण भूषण कुमार मूल रूप से मधुबनी के रहने वाले थे। बिहार नगर सेवा के अधिकारी थे। उनकी पोस्टिंग कहलगांव नगर पंचायत में ईओ के पद पर थी। सुल्तानगंज में ईओ का पद खाली होने के कारण उन्हें वहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।

अफसरों का फूटा गुस्सा, की ये मांग  

दरअसल इस हत्याकांड के बाद बिहार नगर सेवा संघ ने मंगलवार देर शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव, डीजीपी और मानवाधिकार आयोग को ज्ञापन सौंपा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को भी इसकी कॉपी भेजी गई है।

वहीं इसी के साथ-साथ संघ की तीन बड़ी मांगें हैं। पहली, हत्यारों पर कठोर कार्रवाई हो। दूसरी, मृतक ईओ के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। तीसरी, राज्य के सभी कार्यपालक पदाधिकारियों की सुरक्षा पुख्ता की जाए।

जांच में जुटी पुलिस   

घटना के बाद भागलपुर एसएसपी समेत बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई टीमें गठित कर छापेमारी शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि बदमाशों का निशाना सभापति गुड्डू थे। ईओ बीच में आए तो उन पर भी गोली चला दी गई।

हत्या की असल वजह अभी सामने नहीं आई है। इस वारदात ने बिहार की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी दफ्तर में घुसकर अफसर की हत्या से प्रशासनिक महकमे में दहशत है।

सम्बंधित खबर