15 साल पहले चला था माही का जादू.... 28 साल बाद भारत बना था वनडे विश्व कप चैंपियन

आज से ठीक 15 साल पहले आज के दिन कुछ ऐसा ही हुआ था जिसके बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई थी. बता दें 2 अप्रैल 2011 को पंद्रह साल पहले भारत की क्रिकेट टीम 28 साल के विश्व कप के इंतजार को खत्म कर भारत का दूसरा वनडे विश्व कप हासिल किया था.

Date Updated Last Updated : 02 April 2026, 12:52 PM IST
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Courtesy: X (@we_knowd)

नई दिल्ली: आज से ठीक 15 साल पहले आज के दिन कुछ ऐसा ही हुआ था जिसके बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई थी. बता दें 2 अप्रैल 2011 को पंद्रह साल पहले भारत की क्रिकेट टीम 28 साल के विश्व कप के इंतजार को खत्म कर भारत का दूसरा वनडे विश्व कप हासिल किया था.

टीम इस कारनामे के लिए मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में उतरी थी. उस फाइनस मुकाबले में भारत के खिलाफ श्रीलंका बहुत ही मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में मैदान पर उतरी थी. 

28 सालों बाद पूरा हुआ था भारत का सपना

भारत ने अपना विश्व कप साल 1983 में पूर्व  दिग्गज कपिल देव की कप्तानी में जीता था. उसके बाद भारतीय टीम हर बार प्रयास करती थी. लेकिन हर टीम के हाथ विफलता ही हाथ लगती थी.

हालांकि करीब 28 सालों के बाद युवा भारतीय टीम ने ऐसा कारनामा किया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. टीम ने 28 सालों  बाद की मेहनत के बाद वनडे विश्व कप को एक बार फिर से उठाया.

वनडे विश्व कप ट्रॉफी जीतने वाले दूसरे कप्तान थे धोनी 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एमएस धोनी, कपिल देव के बाद, प्रतिष्ठित वनडे विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने. इस टूर्नामेंट के दौरान धोनी पर अपनी टीम को जीत दिलाने की पूरी जिम्मेदारी आ पड़ी थी. धोनी उस समय क्रीज पर आए जब उनकी टीम को रनों की जरूरत थी लेकिन समय कम बचा था.

उन्होंने युवराज सिंह के साथ साझेदारी की, जिन्होंने 21 रनों का योगदान दिया. दोनों ने मिलकर मैच का रुख बदल दिया. धोनी ने इस दौरान सावधानी और संतुलित क्रिकेट खेली, जरूरत पड़ने पर चौके लगाए लेकिन जल्दबाजी में कोई गलत शॉट नहीं खेला.

गंभीर ने खेली थी 97 रनों की शानदार पारी

02 अप्रैल 2011 में खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर अपना दूसरा आईसीसी विश्व कप अपने नाम किया था. लंका टीम ने भारत को जीत के लिए  275 रनों का लक्ष्य दिया था. इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 97 रनों की आक्रामक पारी खेली.

उनकी इस पारी ने भारत की जीत की राह आसान कर दी थी. उनके बाद एमएस धोनी (91*) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को जीत दिलाई और 1983 के बाद से चले आ रहे 28 वर्षों के सूखे को समाप्त किया.

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