नई दिल्ली: चेन्नई में IPL का रोमांच अपने चरम पर है, लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ जीत-हार की नहीं, बल्कि एक नाम के इर्द-गिर्द घूम रही है वो हैं एमएस धोनी. फैंस बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं जब 'कैप्टन कूल' एक बार फिर मैदान पर उतरेंगे और टीम को अपने अनुभव से मजबूती देंगे.
चेन्नई सुपर किंग्स ने खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी की है. लगातार तीन हार के बाद टीम ने अपने पिछले दो मुकाबले जीतकर लय पकड़ ली है. हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 32 रनों की जीत ने टीम को अंक तालिका में आठवें स्थान तक पहुंचा दिया है. हालांकि, इन सफलताओं के बावजूद धोनी की गैरमौजूदगी टीम को खल रही है.
धोनी ने केकेआर मुकाबले से पहले नेट्स में अभ्यास किया, जिससे उनकी वापसी की उम्मीदें तेज हो गई हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह जल्द ही पूरी तरह फिट हो सकते हैं और 18 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में खेलते नजर आ सकते हैं. यह खबर फैंस के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धोनी की वापसी से टीम का मौजूदा संतुलन बिगड़ेगा? सीएसके अब धीरे-धीरे अपनी सही प्लेइंग इलेवन खोज चुकी है और खिलाड़ी अपनी भूमिकाओं में ढलते नजर आ रहे हैं. ऐसे में टीम मैनेजमेंट को सोच-समझकर फैसला लेना होगा और ऐसे कॉम्बिनेशन बनाए रखने होंगे जिससे टीम अपनी जीत की लय में बरकरार रख सके.
टीम को फिलहाल एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो अंत के ओवरों में तेजी से रन बना सके. शिवम दुबे इस भूमिका में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में धोनी का अनुभव और बड़े शॉट खेलने की क्षमता टीम के लिए अहम साबित हो सकती है. पिछले सीज़न में भी उन्होंने कम गेंदों में तेज रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की थी.
अगर धोनी टीम में लौटते हैं, तो किसी खिलाड़ी को जगह खाली करनी होगी. संभावित तौर पर सरफराज खान या किसी गेंदबाज को बाहर बैठना पड़ सकता है. टीम के पास पहले से कई गेंदबाजी विकल्प मौजूद हैं, इसलिए संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होगा.