उत्तराखंड के 14 क्षेत्रों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी, अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अलकनंदा नदी के जलस्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है. श्रीनगर और आसपास के इलाकों में नदी किनारे के घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं.

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Weather alert in Uttarakhand: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अलकनंदा नदी के जलस्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है. श्रीनगर और आसपास के इलाकों में नदी किनारे के घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. प्रसिद्ध धार्मिक स्थल धारी देवी को जोड़ने वाली सड़क तक पानी पहुंचने से आवागमन में भारी परेशानी हो रही है. अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश की तीव्रता बनी रही, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.

प्रशासन की सतर्कता 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आपदा प्रबंधन टीमें भी हाई अलर्ट पर हैं. प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है. श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है.

अगले 48 घंटों में और बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. विशेष रूप से सात जिलों के 14 क्षेत्रों- बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, और उधमसिंह नगर में जोशीमठ, काशीपुर, मुनस्यारी, चकराता, डोईवाला, सोनप्रयाग, कपकोट, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोलीहाट, किच्छा, खटीमा, और लोहाघाट जैसे स्थानों में भारी से अति भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है. इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल

नदी के किनारे रहने वाले और व्यवसाय करने वाले लोग भयभीत हैं. प्रशासन ने अफवाहों से बचने और आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी है. लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम अपडेट्स पर नजर रखने का अनुरोध किया गया है.