आसमान से बरसेगी आफत या मिलेगी राहत? यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का नया अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 16 राज्यों में झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव के चलते मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

Date Updated Last Updated : 29 August 2026, 10:50 AM IST
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Courtesy: Gemini

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में उठे गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) और उत्तर भारत की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के आपस में मिलने से देश का मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 16 राज्यों में झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव के चलते मैदानी इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, तो वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों के धंसने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में बादलों का डेरा

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बीते दो दिनों की तेज धूप और 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे तापमान ने उमस भरी गर्मी बढ़ा दी थी। 

शनिवार सुबह से ही आसमान में घने बादलों की आवाजाही जारी है। यदि अगले कुछ घंटों में बारिश होती है तो तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को इस भीषण उमस से राहत मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के 47 जिलों में चेतावनी

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से मेहरबान दिख रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के करीब 47 जिलों में दिनभर अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ और बागपत में भी अलर्ट जारी किया गया है। 

बीते चौबीस घंटों में कानपुर में हुई भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। लगातार हो रही बारिश से गंगा सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसे देखते हुए किनारे पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

नेपाल की बाढ़ से बिहार में तबाही, 20 जिलों में अलर्ट जारी

नेपाल में हुई भीषण बारिश के बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। मौसम विभाग ने पटना, खगड़िया, चंपारण, पूर्णिया और भागलपुर समेत 20 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। नेपाल से आए पानी के कारण गंगा और गंडक नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे 8 जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। उफान पर बह रही कोसी और बागमती नदियों के आसपास लगभग 50 हजार से अधिक घर जलमग्न हो चुके हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अगले दो से तीन दिनों तक बिहार में राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड, हाइवे बाधित

पहाड़ी राज्यों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए 29 अगस्त से 2 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण 67 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। वहीं उत्तराखंड के चमोली में पहाड़ का हिस्सा टूटने से बद्रीनाथ हाईवे पूरी तरह ठप हो गया है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ों की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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