Premananda Maharaj: श्री राधा रानी की पावन नगरी बरसाना में आज प्रेमानंद महाराज के आगमन से भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा. राधा अष्टमी से पहले इस पवित्र धाम में पहुंचे प्रेमानंद महाराज ने लाडली जी के दर्शन कर भक्तों को कृतार्थ किया. उनके आगमन की खबर फैलते ही बृजवासियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उनके दर्शनों के लिए उमड़ पड़ी. चारों ओर "राधे-राधे" के जयकारों से बरसाना का आकाश गूंज उठा.
लाडली जी की पूजा-अर्चना में लीन प्रेमानंद महाराज
शुक्रवार की प्रभात वेला में प्रेमानंद महाराज अपने आश्रम से सीधे बरसाना पहुंचे. उन्होंने गहबर वन की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया और श्री राधा रानी मंदिर में लाडली जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. मंदिर के सेवायत गोस्वामी समाज ने उनका भव्य स्वागत किया, उन्हें प्रसाद और चुनरी भेंट की गई.
प्रेमानंद महाराज लंबे समय तक राधा रानी के समक्ष बैठे, उनकी लीलाओं में डूबे रहे, और उनके दैवीय रूप को निहारते रहे. उनके साथ आए भक्तों की मंडली भी "राधे-राधे" के जयकारों में मगन थी.
भक्तों में उत्साह का माहौल
प्रेमानंद महाराज के अचानक बरसाना पहुंचने की सूचना मिलते ही भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ गई. सुबह से ही सड़कों पर श्रद्धालु उनके दर्शन की प्रतीक्षा में खड़े थे. जैसे ही बाबा का काफिला बरसाना पहुंचा, भक्तों ने पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ उनका स्वागत किया. यह दृश्य बरसाना की भक्ति मय संस्कृति का जीवंत चित्रण था.
राधा अष्टमी की तैयारियां जोरों पर
31 अगस्त को राधा अष्टमी के अवसर पर श्री राधा रानी का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. इस दिन प्रातः 4 बजे राधा रानी का पंचामृत और जड़ी-बूटियों से अभिषेक होगा. बरसाना में इस भव्य आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. प्रेमानंद महाराज ने इस पावन अवसर से पहले लाडली जी को बधाई अर्पित करने हेतु बरसाना का रुख किया, जिससे भक्तों में उत्साह और भी बढ़ गया.
प्रेमानंद महाराज का बरसाना आगमन न केवल भक्तों के लिए आध्यात्मिक उत्साह का कारण बना, बल्कि यह बृज की भक्ति परंपरा को और सशक्त करता है. राधा रानी की कृपा और प्रेमानंद महाराज के दर्शन से बरसाना का हर कोना भक्ति रस में डूब गया.