नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ पहली बैठक की. इस दौरान उन्होंने नेताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने, जनसंपर्क बढ़ाने और जमीनी स्तर पर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने पर जोर दिया. राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पुनर्गठन के बाद हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री ने पार्टी के हर पदाधिकारी से अलग-अलग बातचीत की.
सूत्रों के मुताबिक, सभी नेताओं को अपनी बात रखने और विचार साझा करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया. बैठक में प्रधानमंत्री ने पदाधिकारियों को लगातार आम लोगों के संपर्क में रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए जमीन से जुड़े रहना बेहद जरूरी है. इसके साथ ही नेताओं को देश की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता बनाए रखने का संदेश भी दिया गया. बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़ी बैठकें पार्टी को मजबूत करने और लोगों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए नए विचारों और नजरिए पर केंद्रित रहती हैं.
Organisational meetings are all about new ideas and perspectives aimed at strengthening the Party and deepening connect with the people.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 22, 2026
Great interaction with fellow Party colleagues and the new organisational team!@BJP4India pic.twitter.com/Nq0gC6BoSu
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के दौरान भाजपा ने 'वंदे मातरम' को सम्मान देने से जुड़ा एक प्रस्ताव भी पारित किया. इस मुद्दे पर पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. कांग्रेस ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो अंतरों को गाने की घोषणा की है. भाजपा ने इसे लेकर अपनी आपत्ति जताई और 'वंदे मातरम' के पूरे सम्मान की बात कही. बैठक में संगठन और राजनीतिक मुद्दों से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई.
भाजपा ने युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने की भी तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कुछ अन्य नेताओं को शामिल करते हुए एक विशेष टीम बनाई गई है. पार्टी का लक्ष्य युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाना और उन्हें संगठन से जोड़ना बताया गया है.
भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर 17 सितंबर से देशभर में एक महीने का 'सेवा संकल्प अभियान' चलाने का फैसला किया है. भाजपा महासचिव विनोद तावड़े के मुताबिक, मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. पार्टी इस लंबी राजनीतिक यात्रा को विशेष अभियान के जरिए लोगों तक पहुंचाएगी.
इस दौरान युवाओं, महिलाओं और किसानों से संपर्क बढ़ाने के साथ सामाजिक सेवा से जुड़ी गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा. पार्टी युवाओं से ऐसी गतिविधियों में हिस्सा लेने और सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो बनाने की अपील करेगी.