ओडिशा: बीजू जनता दल को ओडिशा की राजनीति में बड़ा झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद देबाशीष सामंतरायने बीजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. देबाशीष सामंतराय को लंबे समय सेनवीन पटनायक का करीबी माना जाता रहा है. अब उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
देबाशीष सामंतराय ने राज्यसभा चेयरमैन सी. पी. कृष्णन से मुलाकात कर राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा सौंप दिया है. 25 मई 2026 को उन्होंने सीधे नवीन पटनायक को अपना त्यागपत्र भेजा. इस घटनाक्रम ने ओडिशा की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और बीजेडी के भीतर जारी अंदरूनी खींचतान की चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
देबाशीष सामंतराय को बीजेडी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता रहा है. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि राज्यसभा भेजने के लिए वे हमेशा नवीन पटनायक के आभारी रहेंगे. उनके मुताबिक, इस जिम्मेदारी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ओडिशा और अविभाजित कटक जिले के लोगों की सेवा करने का अवसर दिया. राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि उनका इस्तीफा बीजेडी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि वे पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में शामिल रहे हैं.
नवीन पटनायक को भेजे गए पत्र में देबाशीष सामंतराय ने पार्टी छोड़ने की वजह भी स्पष्ट की. उन्होंने लिखा, मैंने हमेशा पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ विश्वास के साथ खुद को पार्टी के हितों के लिए समर्पित रखा. हालांकि, मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर मुझे लगातार और सोची-समझी साजिश के तहत छोटा दिखाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, अब पार्टी को मेरी सेवाओं की कोई जरूरत नहीं रह गई है. इसलिए, मैंने जनहित में ये मुश्किल फैसला लिया है और आपसे मेरा इस्तीफा मंजूर करने का अनुरोध करता हूं.
देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे के बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, इसको लेकर अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे ओडिशा की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
ओडिशा में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बीजेडी के भीतर मतभेद और असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं. लेकिन एक मौजूदा राज्यसभा सांसद द्वारा खुद को अपमानित महसूस करने की बात कहकर इस्तीफा देना यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर हालात सामान्य नहीं हैं.