नई दिल्ली: तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में रविवार शाम मौसम में एक ऐसा बदलाव देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके में तबाही मचाने के साथ-साथ सभी लोगों को हैरान कर दिया. बता दें, जिले में तेज हवाओं और धूल के विशाल घूमते हुए गुबार ने इलाके में भारी कोहराम मचा दिया, जिस कारण क्षेत्र में भारी नुकसान देखने को मिला. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने जहां इस तूफान को बंवडर बताया, वहीं मौसम विभाग ने एक कोई बवंडर नहीं, बल्कि गरज-चमक वाले बादलों से जुड़ी एक शक्तिशाली स्थानीय मौसमीय घटना थी.
थूथुकुडी हवाई अड्डे के आसपास रिकॉर्ड किए गए वीडियो में धूल और मलबे का एक विशाल तूफान दिखाई दे रहा है, जो तेजी से आगे बढ़ते हुए सड़क पर मौजूद वस्तुओं को हवा में उड़ा कर अपने साथ ले जा रहा है. जिसे सोशल मीडिया पर लोग बवंडर का नाम दे रहे हैं.
//विचित्र मौसम//#सत्य_होती_भविष्यवाणियां
— Bhavishyat.Org | भारत Risk Alerts (@BhavishyatOrg) June 21, 2026
आज वो हुआ जो #तमिलनाडु के इतिहास में कभी नहीं हुआ है। यह खतरनाक परिवर्तन है जिसके लिए हम भारतीय बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं।
यदि आपको आपके क्षेत्र में ऐसा कोई #Tornado 🌪️#टोरनेडो देखने में आता है, तुरंत सुरक्षित स्थान जो उसके मार्ग से दूर… pic.twitter.com/nOjXdQAmZR
बता दें, इस तूफान का सबसे ज्यादा असर वागैकुलम और मुदिवैथानेंडल गांवों में देखने को मिला, जो थूथुकुडी-तिरुनेलवेली राजमार्ग पर स्थित हैं. इस दौरान तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए और घरों की छतों की चादरें उड़ गईं. इतना ही नहीं स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 200 घर किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं. इसके साथ ही घरेलू सामान और निर्माण सामग्री हवा में उड़कर दूर-दूर तक जा गिरी.
घटना के चलते, वागैकुलम टोल प्लाजा और उसके पास स्थित एक निजी थीम पार्क को भी भारी नुकसान पहुंचा है. टोल प्लाजा पर लगे कांच, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य उपकरण टूट गए है, जिसके चलते कुछ समय के लिए वाहनों को बिना टोल शुल्क के गुजरने दिया गया. वहीं थीम पार्क में भी कई मनोरंजन उपकरण नष्ट हो गए.
स्थानीय स्तर पर हुए प्रारंभिक आकलन के अनुसार कुल नुकसान 5 से 6 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. घटना में दो लोगों को मामूली चोटें आईं, लेकिन किसी की जान नहीं गई, जिसे स्थानीय लोग राहत की बात मान रहे हैं. चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने बताया कि यह घटना निम्न दबाव प्रणाली के कारण बने शक्तिशाली संवहनी तूफान का परिणाम थी. उनके अनुसार, थूथुकुडी में वास्तविक बवंडर बनने की संभावना बेहद कम है. यह घटना धूल भरी आंधी, स्थानीय भंवर या क्षणिक फनल क्लाउड जैसी मौसमीय गतिविधि थी, जिसने अपनी तीव्रता से व्यापक नुकसान पहुंचाया है.