नई दिल्ली: मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए चल रही चुनावी दौड़ में नाटकीय मोड़ आ गया है और अब यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच एक बेहद चर्चित राजनीतिक मुकाबला बन गया है। भाजपा ने मध्य प्रदेश मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपना तीसरा उम्मीदवार बनाया है। केवट का मुकाबला कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन से होगा और यह चुनाव बेहद रोमांचक होता जा रहा है। भाजपा ने इस कदम से पहले से ही प्रतिस्पर्धी मुकाबले में एक नया आयाम जोड़ दिया ह
महेश केवट लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े हुए हैं और पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. उन्होंने टीकमगढ़ जिले में जिला मंत्री और जिला उपाध्यक्ष जैसे पदों पर काम किया है. इसके अलावा वे पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं. वर्तमान में वे मध्य प्रदेश मत्स्य कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं. सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम मुख्यमंत्री निवास पर हुई एक अहम बैठक के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. करीब एक घंटे तक चली चर्चा के बाद पार्टी ने उन्हें तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारने का फैसला किया.
भाजपा के तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के बाद कांग्रेस की चिंता बढ़ती नजर आ रही है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति तैयार कर रही है. पार्टी को आशंका है कि मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग जैसी स्थिति बन सकती है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने और किसी भी तरह की राजनीतिक हलचल से बचाने के लिए उन्हें दूसरे राज्य में भेजने पर भी विचार कर रही है.
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं. इनमें भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 63 विधायक हैं. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को 58 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत होती है. भाजपा अपने संख्याबल के आधार पर दो सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर सकती है. हालांकि दो सीटें सुनिश्चित होने के बाद भी उसके पास 48 अतिरिक्त वोट बचते हैं. ऐसे में तीसरी सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन या संभावित क्रॉस वोटिंग की जरूरत पड़ सकती है. यही वजह है कि यह मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है.
भाजपा ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है. कर्नाटक से एम नागराजा को उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं विधान परिषद चुनाव के लिए लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य को मैदान में उतारा गया है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि ये उम्मीदवार संगठन को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे. भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद इन नामों की औपचारिक घोषणा की गई है.
भाजपा इससे पहले राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है. गुजरात से राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र कंजरिया को उम्मीदवार बनाया गया है. अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक और मणिपुर से ए. शारदा देवी को मौका मिला है. मध्य प्रदेश में पार्टी पहले ही तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है. राजस्थान से अलका गुर्जर और सतीश पूनिया, जबकि ओडिशा से देबाशीष सामंतराय को उम्मीदवार बनाया गया है. 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में 10 राज्यों की 24 सीटों के लिए मतदान होगा.