नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के लोगों को पिछले कई दिनों से परेशान कर रही चिपचिपी उमस से आखिरकार राहत मिलने जा रही है। उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं ने अपनी दस्तक दे दी है, जिससे मौसम के मिजाज में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। मौसम में आया यह अचानक बदलाव मानसून ट्रफ की स्थिति में परिवर्तन के कारण हुआ है। मानसून की मुख्य रेखा अब हिमालय की तराई वाले इलाकों की ओर खिसक गई है, जिसने पूरे उत्तर भारत में बारिश के गणित को बदल दिया है।
पहाड़ों पर बढ़ेगी बारिश
17 अगस्त तक दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में तेज या व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं, केवल कुछ जगहों पर शाम के वक्त हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
दूसरी तरफ, ट्रफ लाइन के तराई में खिसकने से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उससे सटे पहाडी इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी और वहां झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है।
बादलों का नया ठिकाना
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 10 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बह रही उत्तर-पश्चिमी हवाएं इस इलाके में सूखी हवा लेकर आ रही हैं। दिन के तापमान में कोई भारी गिरावट दर्ज नहीं होगी, लेकिन हवा में मौजूद नमी का स्तर कम होने से 'रियल-फील' तापमान यानी महसूस होने वाली गर्मी में साफ कमी आएगी। अगले दो दिनों तक क्षेत्र में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
18 अगस्त से फिर बदलेगा हवा का रुख
राहत का यह दौर बहुत लंबा नहीं चलने वाला। मौसम पूर्वानुमान मॉडल्स का इशारा है कि 18 से 20 अगस्त के बीच मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जो धीरे-धीरे मैदानी इलाकों की ओर बढ़ेगा। यह मौसमी सिस्टम जैसे ही आगे बढ़ेगा, मानसून ट्रफ को फिर से दक्षिण की तरफ खींच लाएगा। इसके असर से सप्ताह के मध्य और सप्ताहांत तक उत्तर-पश्चिम भारत में मानसूनी बारिश का दौर दोबारा शुरू हो सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक पूर्वी-मध्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी, जबकि दिल्ली और इसके पड़ोसी राज्य उमस मुक्त साफ मौसम का आनंद ले सकेंगे।