लखनऊ अग्निकांड पर सख्त हुए CM योगी, SIT को सौंपी जांच की जिम्मेदारी, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

लखनऊ अग्निकांड के बाद सीएम योगी ने दो सदस्यीय एसआईटी का गठन कर सात दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी है. जांच में फायर सेफ्टी व्यवस्था, प्रशासनिक लापरवाही और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा होगी.

Date Updated Last Updated : 23 June 2026, 11:38 AM IST
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Courtesy: AI generated

लखनऊ: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है. हादसे में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गहन जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. एसआईटी को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने रद्द किए सभी कार्यक्रम

अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और तुरंत लखनऊ पहुंचे. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और बाद में केजीएमयू पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना. मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया.

वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

सरकार की ओर से गठित एसआईटी में पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. दोनों अधिकारियों को हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने का दायित्व सौंपा गया है.

इन बिंदुओं पर होगी गहन जांच

एसआईटी यह पता लगाएगी कि संबंधित इमारत में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं. साथ ही भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच होगी. अग्नि सुरक्षा प्रबंधन, नियामक एजेंसियों की भूमिका, संबंधित विभागों की संभावित लापरवाही और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई को भी जांच के दायरे में रखा गया है.

इसके अलावा आग लगने के बाद राहत एवं बचाव कार्य कितनी तेजी से शुरू हुए, लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए क्या कदम उठाए गए और आपातकालीन सेवाओं की प्रतिक्रिया कैसी रही, इसकी भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि जांच में किसी अधिकारी या विभाग की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

एक सप्ताह बाद सामने आएगी सच्चाई

अब सभी की निगाहें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कई अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है. सरकार का दावा है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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