National Handloom Day 2026: जानिए किस राज्य की कौन-सी हैंडलूम साड़ी है सबसे मशहूर

भारत में हैंडलूम सिर्फ कपड़ा नहीं, हमारी विरासत है। गांव से लेकर शहर तक कारीगर आज भी हाथों से धागे बुनकर ऐसी साड़ियां बनाते हैं जिनकी दुनिया में पहचान है।

Date Updated Last Updated : 07 August 2026, 05:09 PM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: भारत में हैंडलूम सिर्फ कपड़ा नहीं, हमारी विरासत है। गांव से लेकर शहर तक कारीगर आज भी हाथों से धागे बुनकर ऐसी साड़ियां बनाते हैं जिनकी दुनिया में पहचान है। National Handloom Day पर जानते हैं किस राज्य की कौन सी साड़ी सबसे ज्यादा फेमस है।  

उत्तर से शुरू: बनारस से पहाड़ों तक    

  • उत्तर प्रदेश की बनारसी सिल्क का नाम सबसे पहले आता है। सोने-चांदी के जरी और ब्रोकेट काम वाली ये साड़ियां महीनों में तैयार होती हैं। शादी-ब्याह में आज भी पहली पसंद हैं।  
  • पंजाब फुलकारी कढ़ाई के लिए जाना जाता है। दुपट्टे से लेकर साड़ियों तक पर रंगीन धागों का काम होता है। हरियाणा में हल्की रेशम धुरिया साड़ी मिलती है।  
  • हिमाचल की कुल्लू पट्टी साड़ी मूंगा सिल्क से बनती है और उत्तराखंड की पंचाचूली हैंडलूम साड़ियां अपनी सिंपल बुनाई के लिए फेमस हैं।  
  • पश्चिम भारत: रंग और बांधनी का संगम  
  • गुजरात की पटोला साड़ी और इकत प्रिंट की सिल्क साड़ियां दुनिया भर में मांगी जाती हैं। डबल इकत की बुनाई इसे खास बनाती है।  
  • राजस्थान में लहरिया, बांधनी और टाई-एंड-डाई की साड़ियां हर त्योहार की शोभा बढ़ाती हैं। चमकीले रंग और लहरदार डिजाइन इसकी पहचान हैं। 
  • गोवा की कुनबी साड़ी लाल-सफेद चेक वाली कॉटन साड़ी है। इसे आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक तरीके से बुनते हैं।  

मध्य भारत: कोसा से चंदेरी तक    

मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ी, सूट और दुपट्टे अपनी पारदर्शी बुनाई के लिए जाने जाते हैं। हल्की और चमकदार होती हैं। छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क साड़ी नेचुरल चमक के लिए पसंद की जाती है।  

मध्य प्रदेश की चँदेरी सारी सूट दुपट्टे अपनी पारदर्शी बुनाई के लिए जाने जाते हैं हल्की और चमकदार होती है 

पूर्व भारत: टसर और जामदानी    

बिहार की भागलपुरी टसर सिल्क साड़ी और झारखंड की आदिवासी टसर साड़ी रफ-टेक्सचर में अलग दिखती हैं। पश्चिम बंगाल में बालुचरी और जामदानी का क्रेज सबसे ज्यादा है। बालुचरी में पौराणिक कहानियां बुनी जाती हैं। असम की गोल्डन मुगा साड़ी धोने पर और चमकती है। मेघालय की एरी सिल्क और सिक्किम की लेप्चा, नगालैंड की टाइट बुनाई वाली साड़ियां भी खास हैं।  

दक्षिण भारत: सिल्क का बादशाह    

तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी सबसे कीमती मानी जाती है। भारी जरी और चमकदार रंग इसे रॉयल लुक देते हैं। केरल की कसावु साड़ी सफेद रंग और गोल्डन बॉर्डर से पहचानी जाती है। ओणम और त्योहारों पर खास पहनी जाती है। तेलंगाना की पोचमपल्ली इकत साड़ी सॉफ्ट सिल्क-कॉटन ब्लेंड में मिलती है।

आंध्र प्रदेश की उप्पडा जामदानी और कर्नाटक की इल्कल साड़ी मंदिर बॉर्डर के लिए फेमस हैं। हर साड़ी के पीछे एक राज्य की संस्कृति और एक बुनकर की मेहनत है। इस हैंडलूम डे पर एक हैंडलूम साड़ी खरीदकर आप सीधे किसी कारीगर परिवार की मदद भी कर सकते हैं।  

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