भारत बना चिप पावरहाउस! PM मोदी ने ₹3,300 करोड़ के मेगा सेमीकंडक्टर प्लांट का किया उद्घाटन, रोज बनेगी 63 लाख यूनिट्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद GIDC में ₹3,300 करोड़ के केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन किया. यह OSAT यूनिट प्रतिदिन 63 लाख यूनिट उत्पादन क्षमता के साथ भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में अहम कदम है.

Date Updated Last Updated : 31 March 2026, 11:22 PM IST
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भारत को सेमीकंडक्टर तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने के मिशन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में केन्स सेमीकॉन के अत्याधुनिक प्लांट का शुभारंभ किया. 3300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह OSAT सुविधा चिप्स की असेंबली, पैकेजिंग और टेस्टिंग के आधुनिक मानकों पर आधारित है. यहां IPM मॉड्यूल का कमर्शियल उत्पादन भी शुरू हो चुका है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर औद्योगिक मशीनों तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे. यह प्लांट भारत की टेक यात्रा में बड़ा पड़ाव माना जा रहा है.

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति

साणंद में स्थापित यह प्लांट देश के सेमीकंडक्टर मिशन में एक बड़ी उपलब्धि है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यूनिट भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का भरोसेमंद निर्माता बनाएगी. सरकार का लक्ष्य चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग को घरेलू स्तर पर बढ़ावा देना है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुविधा आने वाले वर्षों में भारत की रणनीतिक तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करेगी.

OSAT यूनिट और IPM उत्पादन की शुरुआत

यह प्लांट OSAT यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट सुविधा है. यहां चिप्स का निर्माण नहीं, बल्कि उनकी असेंबली और टेस्टिंग की जाती है. फैक्ट्री में IPM मॉड्यूल का पहला उत्पादन शुरू हो चुका है. ये मॉड्यूल इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्ट इंडस्ट्रियल मशीनों और ऊर्जा-कुशल उपकरणों के लिए आवश्यक होते हैं. घरेलू स्तर पर इनका निर्माण शुरू होने से भारत के EV और औद्योगिक क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा.

निर्यात के नए अवसर और वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह प्लांट केवल भारत की जरूरतें पूरी नहीं करेगा, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत भागीदारी भी करेगा. 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' अभियान के तहत बने IPMs और अन्य सेमीकंडक्टर पैकेज यूनिट्स का निर्यात भी किया जाएगा. इससे भारत टेक्नोलॉजी निर्माण के क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा और देश में विदेशी निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी.

देश की दूसरी ऑपरेशनल सेमीकंडक्टर यूनिट और क्षमता

यह यूनिट भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत शुरू की गई दूसरी ऑपरेशनल सुविधा है. इससे पहले माइक्रोन ने भी अपनी OSAT यूनिट भारत में शुरू की थी. साणंद प्लांट भविष्य में रोजाना 63 लाख यूनिट तक उत्पादन करने की क्षमता रखता है. इस स्तर का उत्पादन न केवल आयात कम करेगा बल्कि रोजगार, उद्योग वृद्धि और तकनीकी आत्मनिर्भरता को तेज गति देगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे प्रोजेक्ट भारत को ग्लोबल चिप हब बनाने की नींव तैयार कर रहे हैं.

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