नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के बीच अब भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. सरकार ने अब बांग्लादेश में तैनात अपने अधिकारियों और उनके परिवारों को वापस भारत बुलाने का फैसला किया है. यह निर्णय वहां की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया है.
भारत सरकार ने बांग्लादेश में अपने अधिकारियों तो वापस आने के आदेश दिए हैं. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बांग्लादेश में संसदीय चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से कुछ सप्ताह पहले देश में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं सामने आ रही हैं. इसी कारण भारत सरकार ने अपने डिप्लोमैट्स को अस्थायी रूप से भारत लौटने की सलाह दी है.
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— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) January 20, 2026
India advises dependents of Mission and Post officials in Bangladesh to RETURN HOME as a precautionary step, in light of the current SECURITY situation. pic.twitter.com/V8PGsDJcbt
कुछ गुप्त सूत्रों ने बताया कि भारतीय उच्चायोग और अन्य सभी भारतीय कार्यालय बांग्लादेश में पहले की तरह खुले हुए हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. यानी भारत ने अपने राजनयिक संबंधों या कामकाज में कोई बदलाव नहीं किया है, केवल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.
इस बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने जनता से अपील की है कि वे आने वाले जनमत संग्रह में उनकी सरकार के सुधार प्रस्तावों का समर्थन करें. इन प्रस्तावों में सरकार की ताकत पर कुछ सीमाएं लगाने की बात कही गई है. इनमें से एक अहम प्रस्ताव यह है कि कोई भी व्यक्ति 10 साल से ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री नहीं रह सकेगा.
यह जनमत संग्रह 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के साथ ही कराया जाएगा. माना जा रहा है कि यह चुनाव और जनमत संग्रह, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.