नई दिल्ली: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी अब इंसानों के साथ-साथ मवेशियों पर भी भारी पड़ने लगी है. उत्तर भारत के कई मैदानी इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते लोगों के साथ जानवरों की हालत भी खराब हो रही है. चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी का असर खासतौर पर बकरों पर देखने को मिल रहा है.
ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले कई जगहों पर बकरे बीमार पड़ने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बड़ी संख्या में लोग अपने बीमार बकरों को पशु चिकित्सालय लेकर पहुंच रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक तेज गर्मी के कारण बकरों में हाई फीवर, डिहाइड्रेशन और डायरिया जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं.
सुबह से शुरू होने वाली तेज धूप देर शाम तक लोगों और जानवरों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही, जिसका सीधा असर मवेशियों की सेहत पर पड़ रहा है.
पशु चिकित्सालयों में इन दिनों बीमार जानवरों की संख्या बढ़ गई है. बकरीद से पहले बकरों की खरीदारी का दौर जारी है, लेकिन इसी बीच गर्मी के चलते कई बकरों की हालत खराब हो रही है.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां लोग अपने बकरों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों का कहना है कि गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान का असर जानवरों पर साफ दिखाई दे रहा है.
पशु चिकित्सक विकास कुमार ने कहा कि तेज गर्मी के कारण जानवर तेज बुखार, डीहाइड्रेशन और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस मामले में बकरों की संख्या अधिक है.
उन्होंने सलाह दी कि मालिक अपने जानवरों को अधिक से अधिक पानी पिलाएं और तेज धूप में बाहर ले जाने से बचें. डॉक्टर के अनुसार, इलाज के दौरान जरूरत पड़ने पर बकरों को ड्रिप लगाई जा रही है, साथ ही एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाएं भी दी जा रही हैं.
गौरतलब है कि इस बार बकरीद का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा. त्योहार को लेकर बाजारों में बकरों की खरीदारी तेज हो गई है. ऐसे में गर्मी और बीमारियों ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है.