नई दिल्ली: देशभर में मॉनसून इस वक्त अपने सबसे रौद्र रूप में नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत कम दबाव के क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बने मौसमी सिस्टम के कारण देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश का दौर जारी है। राजधानी दिल्ली और उससे सटे NCR के इलाकों के लिए अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के करीब 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। कई इलाकों में बारिश के साथ-साथ 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में अलर्ट
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भी लगातार बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है। हिमाचल के चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन, कुल्लू और शिमला जैसे इलाकों में बारिश के साथ सुबह के समय गहरी धुंध छाने लगी है, जिससे पर्यटकों को हल्की ठंडक का एहसास होने लगा है। वहीं जम्मू-कश्मीर के पूंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ और कुपवाड़ा जैसे संवेदनशील जिलों में अगले 24 घंटे भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
पूर्वी भारत में मॉनसून का तांडव
पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज अगले तीन दिनों तक बेहद खराब रहने का अनुमान है। गंगा के तटीय क्षेत्रों और पश्चिम बंगाल से सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 8 अगस्त को ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
बिहार में मॉनसून का तांडव
उधर बिहार में भी मॉनसून पूरी रफ्तार से सक्रिय है। राज्य के पटना, गया, जहानाबाद, सारण, बेगूसराय, दरभंगा, पूर्णिया और सुपौल समेत कई जिलों में पीला (येलो) अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण-तटीय हिस्सों में बारिश की यह तीव्रता 10 अगस्त तक लगातार बनी रहेगी।
दिल्ली-NCR में टूटे रिकॉर्ड
राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में बारिश का उग्र असर साफ दिखाई दे रहा है। शनिवार को मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगस्त के महज पहले हफ्ते में ही दिल्ली में 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो साल 2011 के बाद इस महीने की शुरुआती अवधि में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम में भी तेज बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात को देखते हुए कई जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
पहाड़ी राज्यों में हो रही मूसलाधार बरसात अब आफत बनकर टूट रही है। उत्तराखंड में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहां जगह-जगह लैंडस्लाइड होने से बद्रीनाथ हाईवे और गंगोत्री हाईवे समेत 130 से ज्यादा मुख्य मार्ग और सड़कें पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। पहाड़ों से मलबा गिरने के लगातार खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चार धाम यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी है। नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, उधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत में मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है।