बिहार में INDIA गठबंधन की सरकार बनी तो कौन होगा सीएम? धर्मेंद्र यादव के बयान ने सबको चौंकाया  

बिहार की सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक धर्मेंद्र यादव ने बिहार में INDIA गठबंधन की संभावित सरकार के मुख्यमंत्री पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है.

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Bihar Elections INDIA alliance: बिहार की सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक धर्मेंद्र यादव ने बिहार में INDIA गठबंधन की संभावित सरकार के मुख्यमंत्री पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है.

यादव ने स्पष्ट कहा कि बिहार में सीएम का चेहरा गठबंधन ही तय करेगा, और प्रमुख दल होने के नाते राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दावा सबसे मजबूत है. यह बयान बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, खासकर जब राज्य में विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर है.

गठबंधन तय करेगा सीएम का चेहरा

रविवार रात संवाददाताओं से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र यादव ने बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, "बिहार में मुख्यमंत्री का फैसला इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) गठबंधन द्वारा लिया जाएगा."

जब पत्रकारों ने सीएम चेहरे के बारे में सीधा सवाल किया, तो यादव ने जवाब दिया, "इंडिया गठबंधन के लोग ही निर्णय लेंगे." यादव ने आगे जोर देकर कहा कि बिहार में राजद मुख्य दल है और इसका नेता तेजस्वी यादव हैं. इसलिए, स्वाभाविक रूप से राजद का दावा बनता है.

हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अंतिम फैसला गठबंधन की सामूहिक बैठक में ही होगा. यह बयान सपा और राजद के बीच मजबूत समन्वय को दर्शाता है, जो विपक्षी एकता को मजबूत करने का संकेत दे रहा है. यादव का यह कथन बिहार की जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि राज्य में NDA की सरकार के खिलाफ विपक्षी मोर्चा मजबूत दिख रहा है.

बीपी मंडल छात्रवृति योजना 

इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को संबोधित किया और सामाजिक न्याय की बात की. लेकिन, कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में ही बिहार की राजनीति पर उनका यह बयान सामने आया.

यादव ने कहा कि सभी जानते हैं कि बिहार में मुख्य दल कौन है. यह बयान न केवल राजद को मजबूती देता है, बल्कि INDIA गठबंधन के भीतर समन्वय की मिसाल भी पेश करता है. सपा के इस रुख से बिहार में विपक्षी गठबंधन की एकजुटता साफ झलक रही है, जो आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का बिहार दौरा

धर्मेंद्र यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव बिहार के 17 दिवसीय दौरे पर हैं. इस दौरे का उद्देश्य राज्य में INDIA गठबंधन को मजबूत करना और जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करना है.

हाल ही में एक पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी से जब सीएम फेस के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया. इसके बजाय, उन्होंने वोट चोरी और लोकतंत्र की रक्षा पर फोकस करने को कहा. राहुल गांधी का यह रुख गठबंधन की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां सीएम चेहरा चुनाव के बाद तय होगा.

तेजस्वी यादव की सक्रियता भी बिहार में राजद की लोकप्रियता बढ़ा रही है. यादव के बयान से सियासी हलचल बढ़ गई है, क्योंकि यह राजद को गठबंधन का प्रमुख चेहरा बनाने की दिशा में इशारा करता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे NDA पर दबाव बढ़ेगा, खासकर नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार पर.

विपक्षी एकता की नई उम्मीद

बिहार में INDIA गठबंधन की सरकार बनने की संभावना से जुड़े इस बयान ने राज्य की राजनीति को नया आयाम दे दिया है. धर्मेंद्र यादव का राजद के समर्थन वाला बयान सपा-राजद गठजोड़ को और मजबूत करता है. बिहार विधानसभा चुनावों से पहले यह बयान विपक्ष के लिए सकारात्मक संदेश है.

यदि गठबंधन राजद को सीएम पद देता है, तो तेजस्वी यादव का नेतृत्व राज्य में नई ऊर्जा ला सकता है. हालांकि, अंतिम फैसला गठबंधन की बैठक में होगा, लेकिन यादव के बयान ने सियासी बहस को हवा दे दी है. बिहार की जनता अब उत्सुकता से देख रही है कि INDIA गठबंधन कैसे आगे बढ़ेगा. यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन चुका है.