'हद पार करोगे तो समझ...', पीएम मोदी और उनकी मां पर अभद्र टिप्पणी से नाराज असदुद्दीन ओवैसी, दी नसीहत

असदुद्दीन ओवैसी ने PM मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर निशाना साधा है.

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Asaduddin Owaisi: असदुद्दीन ओवैसी ने PM मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर निशाना साधा है. बिहार के दरभंगा में इंडिया गठबंधन के एक कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना ने देश की राजनीति में तीव्र विवाद को जन्म दिया है.

ओवैसी ने इस मामले में शालीनता बरतने की सलाह दी है, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी की मांग की है. इसके अलावा, ओवैसी ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.

शालीनता की सीमा न लांघें

असदुद्दीन ओवैसी ने इस विवाद पर अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा कि राजनीति में आलोचना और विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन यह शालीनता के दायरे में होना चाहिए. उन्होंने कहा, “आप जितना चाहें बोलें, आलोचना करें, निंदा करें, लेकिन अगर आप मर्यादा की सीमा लांघते हैं, तो यह अनुचित है. यह किसी भी व्यक्ति के लिए हो, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों.

अशोभनीय भाषा से हमारी बहस गलत दिशा में चली जाती है. हमें दूसरों की गलतियों की नकल करने की आवश्यकता नहीं है.” ओवैसी का यह बयान उस घटना के संदर्भ में आया, जहां दरभंगा में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान एक व्यक्ति ने पीएम मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.

अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला

इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह घटना कांग्रेस की निम्न स्तर की राजनीति को दर्शाती है.

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी की मां ने गरीबी में जीवन बिताया और अपने बच्चों को संस्कारों के साथ पाला. उनका बेटा आज विश्व स्तर पर सम्मानित नेता है. राहुल गांधी को अगर जरा भी शर्म बची है, तो उन्हें पीएम मोदी, उनकी दिवंगत मां और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए.”

अमेरिकी टैरिफ पर ओवैसी की चिंता

ओवैसी ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के मुद्दे पर भी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह टैरिफ भारत के निर्यात क्षेत्र, विशेष रूप से मोटर पार्ट्स, ज्वैलरी और रेडिमेड कपड़ों के 60,000 करोड़ रुपये के व्यापार को प्रभावित करेगा. ओवैसी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, फिर भी यह स्थिति उत्पन्न हुई.

यह टैरिफ हमारे निर्यातकों और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है.” यह घटना और इसके बाद की प्रतिक्रियाएं भारतीय राजनीति में मर्यादा और शालीनता के महत्व को रेखांकित करती हैं. साथ ही, अमेरिकी टैरिफ जैसे आर्थिक मुद्दों ने भारत के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं.