कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल का खुला आसान राज! जानिए लौकी या भिंडी कौन है असरदार?

भारत में तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या उभर कर सामने आ रहा है. ये समस्या अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी ये समस्या देखने को मिल रही है.

Date Updated Last Updated : 23 March 2026, 03:33 PM IST
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Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: भारत में तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से उभर कर सामने आ रहा है. ये समस्या अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी ये समस्या देखने को मिल रही है. इस समस्या से निजाद पाने के लिए लोग अब दवाओं के साथ-साथ लोग अब पारंपरिक घरेलू उपायों की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिनमें भिंडी का पानी और लौकी का रस खास तौर पर चर्चा में हैं.

हालांकि इन दोनों का रस दिल के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इनके प्रभाव और काम करने का तरीका अलग-अलग है. विशेषज्ञों के अनुसार, इनका सेवन सही मात्रा और सही समय पर करना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर इनसे मिलने वाले पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर सके.

फाइबर की ताकत से युक्त है भिंडी का पानी

भिंडी भले ही देखने में मामूली सी सब्जि लगती है लेकिन इसका रस किसी चमकारी इलाज से कम नहीं है. भिंडी में मौजूद चिपचिपा तत्व, जिसे म्यूसिलेज कहा जाता है, घुलनशील फाइबर का एक रूप है. ये पाचन तंत्र में पित्त अम्लों से जुड़कर शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है. 

इसके अलावा, भिंडी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को भी कम करता है, जो दिल के रोगों का एक प्रमुख कारण है.

ट्राइग्लिसराइड पर असर करता है लौकी का रस

लौकी में सैपोनिन और टेरपेनोइड्स जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं. इसके नियमित सेवन से ट्राइग्लिसराइड स्तर में कमी देखी गई है.

इसके साथ ही, लौकी का प्राकृतिक वॉटर पिल्स हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जोकि आपके दिल के लिए दोहरा तौर पर फायदेमंद होता है.

क्या है दोनों में अंतर?

भिंडी का पानी मुख्य रूप से एलडीएल को नियंत्रित करने और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है, जबकि लौकी का रस ट्राइग्लिसराइड और ब्लड प्रेशर पर ज्यादा प्रभाव डालता है.

भिंडी का पानी तैयार करना आसान है इसे रातभर भिगोकर सुबह पिया जा सकता है. वहीं लौकी का रस ताजा बनाकर तुरंत पीना जरूरी होता है.

रस बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

लौकी का रस बनाते समय एक अहम बात का ध्यान रखना चाहिए अगर इसका स्वाद कड़वा हो, तो इसे बिल्कुल न पिएं. क्योंकि ये विषैले तत्वों की मौजूदगी का संकेत हो सकता है.

किसी भी घरेलू उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि आपकी सेहत पर कोई उल्टा असर न पड़े. 

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