नई दिल्ली: RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के बीच न्यूयॉर्क में होने वाले उनके एक बड़े कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले RSS से जुड़े कार्यक्रम का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह एक निजी कार्यक्रम है और उन्हें नहीं मालूम कि शहर प्रशासन के पास इसे रद्द करने का कानूनी अधिकार है या नहीं. ममदानी के बयान के बाद मोहन भागवत का न्यूयॉर्क दौरा एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
मोहन भागवत मंगलवार को अमेरिका पहुंचे. उनका यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के तहत चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है. इस यात्रा के दौरान वह अमेरिका के अलावा कनाडा और ब्रिटेन भी जाएंगे. न्यूयॉर्क में 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया जाना है. इसमें मोहन भागवत भारतीय मूल के लोगों और अन्य प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे. आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. अमेरिका पहुंचने पर RSS प्रमुख का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया.
#WATCH | RSS chief Mohan Bhagwat arrives in New York, US. pic.twitter.com/K36RBsff93
— ANI (@ANI) August 25, 2026
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममदानी से इस कार्यक्रम और RSS को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह इस आयोजन का समर्थन नहीं करते हैं. हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम निजी है और शहर प्रशासन इसे रद्द कर सकता है या नहीं, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. ममदानी ने इस दौरान अपने भारतीय मूल और भारत को लेकर अपने पारिवारिक अनुभव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह भारत को एक ऐसे समाज के रूप में देखते हुए बड़े हुए हैं, जहां अलग-अलग धर्मों, विचारों और समुदायों के लोगों के लिए समान स्थान है.
#WATCH | RSS Chief Mohan Bhagwat is set to address the Indian diaspora in New York for the 'Universal Oneness Celebrations' at Madison Square Garden on August 29, 2026.
— ANI (@ANI) August 25, 2026
Ahead of the event, New York Mayor Zohran Mamdani said, "I also stand here as the first Indian American mayor… pic.twitter.com/MudVcDC83q
उनके मुताबिक, उनके परिवार ने उन्हें भारत की ऐसी तस्वीर दिखाई, जो विविधता, सह-अस्तित्व और समान अधिकारों के विचार पर आधारित है. उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क जैसे शहर में भी वह हर व्यक्ति के लिए समान सम्मान और जगह के सिद्धांत को महत्वपूर्ण मानते हैं.
ममदानी ने कहा कि किसी भी ऐसे आंदोलन या विचारधारा का उभरना चिंताजनक है, जो समाज के कुछ वर्गों को अलग करने या बाहर रखने की सोच से जुड़ा हो. उन्होंने इसी आधार पर RSS से जुड़े कार्यक्रम का विरोध करने की बात कही. उन्होंने कहा कि उनका विरोध केवल भारतीय मूल से जुड़े उनके निजी अनुभव की वजह से नहीं है, बल्कि न्यूयॉर्क के मेयर के तौर पर भी है. उनके अनुसार, शहर में किसी व्यक्ति के धर्म, रंग, विचारधारा, आस्था या मूल स्थान के आधार पर उसके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए.
मोहन भागवत के कार्यक्रम से पहले न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर कई अंतरधार्मिक और नागरिक अधिकार संगठनों ने भी विरोध दर्ज कराया. इनमें Hindus for Human Rights, Indian American Muslim Council और Interfaith Centre of New York जैसे संगठन शामिल बताए गए हैं. इन समूहों ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन से प्रस्तावित कार्यक्रम को रद्द करने की अपील की है. कार्यक्रम को लेकर उठ रहे विरोध के कारण आयोजन से पहले राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है.
इस कार्यक्रम का आयोजन AHEAD Forum कर रहा है. आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने के संदेश को आगे बढ़ाना है. आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम लोगों से कृत्रिम विभाजन और मतभेदों से ऊपर उठकर मानवता के साझा संबंधों को समझने की अपील करता है. इसका संदेश आपसी सम्मान, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना है.
मोहन भागवत के दौरे से पहले अमेरिकी आयोग USCIRF ने RSS नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय संपर्क से बचने और संभावित प्रतिबंधों की सिफारिश की थी. भारत के विदेश मंत्रालय ने इन सुझावों को खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने USCIRF को पक्षपाती संस्था बताते हुए कहा कि वह भारत के बारे में पहले भी गलत और भड़काऊ टिप्पणियां करता रहा है. उन्होंने ऐसी टिप्पणियों को नजरअंदाज करने की बात कही. न्यूयॉर्क कार्यक्रम के बाद मोहन भागवत की यात्रा कनाडा और ब्रिटेन में भी जारी रहेगी. फिलहाल, मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला कार्यक्रम और उसके खिलाफ उठी आवाजें इस दौरे का सबसे चर्चित मुद्दा बन गई हैं.