ईरान की 300 अरब डॉलर की मांग ठुकराई, ट्रंप बोले- पहले अमेरिका को दो मुआवजा

ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान के लिए अमेरिका से 300 अरब डॉलर मुआवजा और फ्रीज संपत्तियां जारी करने की मांग की है. ट्रंप ने मांग ठुकराते हुए कहा कि ईरान को भी हमलों में मारे और घायल हुए लोगों के लिए मुआवजा देना होगा.

Date Updated Last Updated : 11 August 2026, 10:18 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे तक पहुंच गया है. रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका से युद्ध में हुए नुकसान के बदले करीब 300 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है. इसके अलावा तेहरान ने करीब 100 अरब डॉलर की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को जारी करने की भी मांग रखी है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की इस मांग को खारिज कर दिया है.

ट्रंप ने ईरान से ही मुआवजा मांगने की बात कही

ट्रंप ने ईरान की 300 अरब डॉलर की मांग को लेकर कहा कि यह एक “दिलचस्प विचार” है. उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में होने वाली बातचीत में अमेरिका भी ईरान के सामने मुआवजे की अपनी मांग रखेगा.

ट्रंप के अनुसार, ईरान को उन लोगों के परिवारों को भी मुआवजा देना चाहिए, जो तेहरान से जुड़े हमलों और संघर्षों में मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्होंने पुराने हमलों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका अपने नुकसान का हिसाब भी ईरान से मांग सकता है. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि भविष्य की किसी भी बातचीत में मुआवजे की शर्त को मजबूती से शामिल किया जाए.

ईरान ने रखीं कई बड़ी शर्तें

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे के साथ-साथ अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और सैन्य खतरे खत्म करने की मांग की है. इसके अलावा उसने अपनी करीब 100 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज करने की बात भी कही है.

इन मांगों को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने से जोड़ दिया है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामान की आवाजाही होती है.

होर्मुज पर टिकी दुनिया की नजर

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें स्वीकार नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने का फैसला नहीं किया जाएगा.

ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच मुआवजे को लेकर बढ़ता विवाद केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है. होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक तनाव रहने से वैश्विक तेल आपूर्ति, व्यापार और बाजारों पर भी असर पड़ सकता है.

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