नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट में बताया गया है कि,अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल देता है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संघर्ष खत्म करने और परमाणु समझौते से पीछे हटने के लिए तैयार है.
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप कई हफ्तों से ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर संभावित जीत का दावा करने की तैयारी में हैं. इस रास्ते से दुनिया के कच्चे तेल का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है. परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत में मुश्किल आने के बाद अमेरिकी प्रशासन का ध्यान अब समुद्री मार्ग से आवाजाही बहाल करने पर ज्यादा है.
ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने के बदले कई मांगें सामने रखी हैं. इनमें ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, आर्थिक प्रतिबंध खत्म करना और विदेशों में जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को बिना शर्त वापस करना शामिल है. इसके अलावा तेहरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग की है. WSJ के अनुसार, इन शर्तों ने अमेरिका के लिए बातचीत को मुश्किल बना दिया है. अमेरिकी प्रशासन को यह एहसास हो रहा है कि ईरान लंबे समय तक टकराव के लिए तैयार दिखाई दे रहा है.
ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य करीब 167 किलोमीटर लंबा है. इसकी चौड़ाई अलग-अलग जगहों पर लगभग 39 से 97 किलोमीटर के बीच है. इस समुद्री रास्ते का वैश्विक ऊर्जा कारोबार में बेहद अहम स्थान है. 2023 से 2025 के दौरान दुनिया के कुल LNG व्यापार का करीब 20 प्रतिशत और समुद्र के रास्ते होने वाले तेल कारोबार का लगभग 25 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरा. इसलिए यहां लंबे समय तक आवाजाही रुकने का असर दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.
फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य समुद्री आवाजाही प्रभावित है. अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रखे. वहीं, ईरान ने ऐसा करने से इनकार किया है और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की बात कही है.
रविवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी अपना रुख दोहराया. संगठन ने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की सभी मांगें नहीं मानता और सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म नहीं करता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी. IRGC ने जलडमरूमध्य को अब सिर्फ समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि संघर्ष का एक हिस्सा बताया.
इन परिस्थितियों के बावजूद ट्रंप ने बातचीत से समाधान निकलने को लेकर उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मामले को फिलहाल कम गंभीरता से संभाल रहा है और ईरान के साथ बातचीत भी सीमित स्तर पर चल रही है. ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका उसकी महंगाई और पैसों की कमी पर नजर रख रहा है. उन्होंने भरोसा जताया कि स्थिति ठीक हो जाएगी और इस पूरे घटनाक्रम की तुलना शतरंज के खेल से की.