समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, दिव्यांगों पर टिप्पणी मामले में सभी FIR रद्द

समय रैना को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उनके और चार अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दीं और दिव्यांगजनों के हित में किए गए प्रयासों की सराहना की.

Date Updated Last Updated : 14 August 2026, 05:22 PM IST
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Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने दिव्यांगजनों को लेकर कथित असंवेदनशील टिप्पणियों के मामले में उनके और चार अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर रद्द कर दी हैं. यह मामला उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़ा था. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति जेवी मोहना की पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शो में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर रैना को कड़ी फटकार लगाई थी.

कोर्ट ने पाया कि समय रैना और अन्य आरोपियों ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन किया है. इसके बाद उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को खत्म करने की प्रक्रिया पूरी की गई. अदालत ने उन्हें दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और उनके हित में धन जुटाने का निर्देश दिया था.

कोर्ट ने प्रयासों की सराहना की

पिछली सुनवाई में अदालत ने रैना और चार अन्य लोगों पर 3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. कोर्ट ने कहा था कि मुआवजा और सुधार से जुड़े वादों को पूरा नहीं करने के कारण स्थिति गंभीर हुई थी. शुक्रवार को पीठ ने दिव्यांग लोगों के लिए प्रदर्शनियां आयोजित करने और उनके हित में किए गए प्रयासों की सराहना की. कोर्ट ने कहा कि अगर वास्तविक कोशिश की जाए तो उसके अच्छे परिणाम जरूर सामने आते हैं. पीठ ने यह भी कहा कि ये युवा प्रतिभाशाली हैं और सकारात्मक दिशा में काम करने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं.

किस मामले में हुई थी शिकायत?

क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि शो में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज से जुड़ी लागत पर कथित तौर पर असंवेदनशील टिप्पणी की गई. साथ ही, इस बीमारी से प्रभावित व्यक्ति का मजाक उड़ाने का आरोप भी लगाया गया था. याचिका में समय रैना के अलावा विपुन गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर का भी नाम शामिल था. शो का विवादित एपिसोड नवंबर में रिकॉर्ड किया गया था.

हालांकि, समय रैना और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया से जुड़े एक अलग मामले की सुनवाई अभी बाकी है. यह मामला शो में एक प्रतियोगी के माता-पिता को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित है.

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