सोना-चांदी हुआ सस्ता, चांदी के दाम 1500 रुपये टूटे, जानें कितना लुढ़का सोने का भाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में आज भारी गिरावट का रुख देखने को मिला। एक तरफ जहां अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़ों के बाद निवेशक अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

Date Updated Last Updated : 13 August 2026, 02:18 PM IST
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Courtesy: AI Generated Image

नई दिल्ली: वैश्विक बाजार से मिले-जुले संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के चलते गुरुवार को भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में सुस्ती के कारण घरेलू वायदा और हाजिर बाजार में आज भारी गिरावट का रुख देखने को मिला। एक तरफ जहां अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़ों के बाद निवेशक अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल की चाल और आने वाले आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। दिल्ली और मुंबई में आज चांदी ₹255 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम के भाव पर बिकी।

सोने के दामों में गिरावट 

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹15,528 प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत ₹14,235 और 18 कैरेट का भाव ₹11,650 प्रति ग्राम दर्ज किया गया।

मुंबई और केरल के बाजारों की बात करें तो वहां 24 कैरेट सोना ₹15,513 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹14,220 प्रति ग्राम तथा 18 कैरेट ₹11,635 प्रति ग्राम के स्तर पर स्थिर रहा।

दिल्ली और मुंबई में आज चांदी ₹255 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम के भाव पर बिकी। चेन्नई में इसके दाम थोड़े अधिक रहे, जहां चांदी ₹260 प्रति ग्राम या ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। वायदा बाजार में सोने का भाव ₹521 प्रति 10 ग्राम घटकर ₹1,54,361 पर आ गया, वहीं चांदी की कीमतों में ₹1,480 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिकी आंकड़ों का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी के कारण घरेलू कीमतों में यह गिरावट आई है। वैश्विक स्तर पर सोना 0.24 प्रतिशत गिरकर 4,456 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 0.14 फीसदी की सुस्ती के साथ 65.61 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। असल में, अमेरिका में हाल ही में आए महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने की कीमतें दो महीने के उच्च स्तर के पास टिकी हुई थीं। अब बाजार के निवेशकों की पैनी नजर अमेरिका के आगामी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों पर टिकी है। इन आंकड़ों से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है।

कच्चे तेल की कीमतें और चांदी में 24 घंटे ट्रेडिंग

कीमती धातुओं के रुख पर कच्चे तेल के दामों का भी गहरा असर पड़ रहा है। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव के कारण यदि तेल की आपूर्ति में कोई बाधा आती है, तो इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंची दरों पर रख सकते हैं, जिसका सीधा प्रभाव सोने-चांदी के निवेश पर पड़ेगा।

इस बीच बाजार से जुड़ी एक बड़ी खबर यह भी है कि सीएमई ग्रुप (CME Group) सितंबर महीने से चांदी के 100 औंस वाले फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में 24 घंटे ट्रेडिंग की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले से दुनिया भर के निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों के अनुसार तुरंत अपनी रणनीति बदलने और कारोबार करने में सहूलियत मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों कीमती धातुओं में सुस्ती के कारण घरेलू वायदा और हाजिर बाजार में आज भारी गिरावट का रुख देखने को मिला। एक तरफ जहां अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़ों के बाद निवेशक अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

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