Chaitra Navratri 2026 Day 6: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा, जानें पूजा की पूरी जानकारी

आज चैत्र नवरात्रि का छठवां दिन है. नवरात्रि के छठवें दिन मां दुर्गा के कात्यायनी रूप की पूजा की जाती है. मां कात्यायनी को मां दुर्गा का छठवां रूप माना जाता है.

Date Updated Last Updated : 24 March 2026, 08:04 AM IST
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नई दिल्ली: आज चैत्र नवरात्रि का छठवां दिन है. नवरात्रि के छठवें दिन मां दुर्गा के कात्यायनी रूप की पूजा की जाती है. मां कात्यायनी को मां दुर्गा का छठवां रूप माना जाता है. हिंदु पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि में राम नवमी 26 मार्च 2026 को सुबह 11:48 बजे से  27 मार्च 2026 सुबह 10:06 बजे तक मनाई  जाएगी. भारत में नवरात्रि बहुत ही धूम धाम से मनाई जाती है. लोगों को इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार रहता है. 

जानिए कौन हैं मां कात्यायनी?

चैत्र नवरात्रि के छठवें दिन पूजी जाने वाली मां कात्यायनी को मोक्ष प्रदान करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने वाली देवी माना जाता है. भक्त उनकी दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. वामन पुराण के अनुसार महिषासुर नामक राक्षस का नाश करने के लिए देवी पार्वती ने कात्यायनी का रूप धारण किया था. यह देवी पार्वती का सबसे उग्र रूप था. इस रूप में देवी पार्वती को योद्धा देवी के नाम से भी जाना जाता है.

छवि या तस्वीरों में देवी कात्यायनी को भव्य सिंह पर सवार और चार भुजाओं के साथ चित्रित किया जाता है. देवी कात्यायनी अपने बाएं हाथ में कमल और तलवार धारण किए हुए हैं और अपने दाहिने हाथों को अभय और वरदा मुद्रा में रखे हुए हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, देवी पार्वती का जन्म ऋषि कात्या के घर हुआ था, इसीलिए देवी पार्वती के इस रूप को कात्यायनी के नाम से जाना जाता है.

शुभ मुहूर्त

हिंदु पंचांग के अनुसार नवरात्रि के छठवें दिन पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 04:47 बजे से प्रातः 05:34 बजे तक है. इसके बाद सुबह 05:11 बजे से सुबह 06:21 बजे, दोपहर 12:04 से दोपहर 12:53 बजे, दोपहर 02:31 बजे से दोपहर 03:20 बजे, शाम 06:34 बजे से शाम 06:58 बजे, शाम 06:35 बजे से शाम 07:46 बजे तक है. 

पूजा विधि

1. सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें और फिर साफ कपड़े पहनें. 

2. दुर्गा मत की मूर्ति के सामने देसी घी से दीया जलाएं, सिंदूर और फूल या माला चढ़ाएं. 

3. उन्हें मीठा पान, सुपारी, लौंग, इलाइची, पांच अलग-अलग फल और मिठाइयां चढ़ानी चाहिए. 

4.दुर्गा सप्तशती पाठ और दुर्गा चालीसा का पाठ करें. 

5. भोग प्रसाद और दूध से बनी चीजें जैसे दही और मखाना खीर चढ़ाएं. 

6. भोग प्रसाद चढ़ाने के बाद आरती अवश्य करें. 

7. सभी पूजा अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद व्रत तोड़ें और सात्विक भोजन करें. 

आज का रंग

मंगलवार को नवरात्रि के छठवें दिन लाल रंग पहनें. लाल रंग लगन और प्रेम का प्रतीक है और देवी को अर्पित की जाने वाली चुनरी का सबसे पसंदीदा रंग भी लाल ही है. ये रंग व्यक्ति को स्फूर्ति और ऊर्जा से भर देता है. साथ ही लाल रंग को मां का सबसे प्रिय रंग माना जाता है. 

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