चंडीगढ़: पंजाब को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बड़ी सफलता मिली है. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने राज्य में रिफाइनरी, बायोफ्यूल और बायोगैस क्षेत्रों में अपने निवेश और कामकाज का विस्तार करने की घोषणा की है. इससे रोजगार सृजन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और कृषि अवशेषों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
एचपीसीएल के चेयरमैन विकास कौशल के साथ हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की मजबूत औद्योगिक और निवेश क्षमता को रेखांकित किया. उन्होंने राज्य के बेहतर बुनियादी ढांचे, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, निवेशक-अनुकूल नीतियों और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को निवेश आकर्षित करने की प्रमुख वजह बताया.
बैठक के दौरान एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (HMEL) ने भी पंजाब में अपने कार्यों का विस्तार करने की घोषणा की, जिसमें बायोफ्यूल और बायोगैस परियोजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं.
इन नई परियोजनाओं से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने, औद्योगिक विकास को गति मिलने और कृषि अवशेषों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ समाधान विकसित होने की उम्मीद जताई गई है.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब की निवेश संभावनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया. उन्होंने बताया कि राज्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और प्रमुख बंदरगाहों से बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, निर्बाध बिजली आपूर्ति, कुशल मानव संसाधन और प्रगतिशील नीतियों के कारण निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है.
मुख्यमंत्री ने एचपीसीएल प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक और नियामक सुधारों की जानकारी भी दी. इनमें 173 से अधिक सरकारी-से-व्यापार (G2B) सेवाएं उपलब्ध कराने वाला 'फास्ट ट्रैक पंजाब' सिंगल विंडो सिस्टम, ऑटो-डीम्ड मंजूरी, पैन आधारित बिजनेस आइडेंटिफायर और 'पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट' में संशोधन शामिल हैं.
इन सुधारों का उद्देश्य निवेशकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार का विजन बिल्कुल स्पष्ट है. हम नीतियों में स्थिरता, फैसले लेने में तेजी और ऐसी शासन प्रणाली प्रदान करके पंजाब को वैश्विक उद्योगों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनाना चाहते हैं, जो निवेशकों के समय और भरोसे का सम्मान करे."
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, "यह बहुत उत्साहजनक है कि एचपीसीएल ने पंजाब में रिफाइनरी और बायोगैस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है. ये निवेश राज्य को बड़ा लाभ पहुंचाएंगे. आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा देने के अलावा ये प्रोजेक्ट पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेंगे."
मुख्यमंत्री ने बताया कि एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड बठिंडा में 2जी तकनीक के जरिए अपने कार्यों का और विस्तार कर रही है.
उन्होंने कहा, "यह खुशी की बात है कि एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड 2जी तकनीक पर काम करके बठिंडा में अपने कामकाज का और विस्तार कर रही है. इस उपक्रम में कृषि अवशेषों से मूल्यवान उत्पाद तैयार करते हुए बायोफ्यूल क्षेत्र को मजबूत करने की अपार संभावना है."
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कंपनी राज्यभर में 10 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जिनमें से पांच पहले ही शुरू हो चुके हैं.
उन्होंने कहा, "ये बायोगैस प्रोजेक्ट राज्य में कृषि अवशेषों के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने में बहुत सहायक साबित होंगे. इससे न केवल पर्यावरण की चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों को भी भरपूर लाभ होगा."
एचपीसीएल प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेश और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, "निवेशक सच्चे देशभक्त होते हैं, जो बड़े निवेश करके युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करके और अभूतपूर्व प्रगति तथा समृद्धि के युग की शुरुआत करके देश की सेवा करते हैं. पंजाब सरकार हर उस निवेशक के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, जो राज्य के विकास में योगदान देना चाहता है."
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य का कारोबारी माहौल अब पूरी तरह बदल चुका है.
उन्होंने कहा, "एक समय था जब निवेशकों को अनावश्यक बाधाओं और अवैध मांगों का सामना करना पड़ता था. आज पंजाब सरकार केवल पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम कर रही है और एक पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है."
बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, उद्योग सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, सचिव ग्रामीण विकास अजीत बालाजी जोशी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.