हैदराबाद में नशे में धुत डॉक्टर ने पुलिस के सामने बदली BMW की नंबर प्लेट, जेम्स बॉन्ड की फिल्मों को भी छोड़ा पीछे

हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके में शनिवार रात पुलिस मे जांच के दौरान डॉक्टर गौतम रेड्डी को उनकी BMW कार में रोका. जब उनसे ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने को कहा गया, तो उन्होंने रिमोट कंट्रोल के जरिए अपनी कार की नंबर प्लेट बदल दी

Date Updated Last Updated : 13 April 2026, 03:19 PM IST
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Courtesy: X (@Controversyy3)

हैदराबाद: हैदराबाद की सड़कों पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने लोगों को जेम्स बॉन्ड की फिल्मों की याद दिला दी. एक नशे में धुत डॉक्टर ने पुलिस चेकिंग के दौरान अपनी लग्जरी कार की नंबर प्लेट कुछ ही सेकंड में बदल दी बिल्कुल उसी तरह जैसे फिल्मों में जासूसी कारें अपनी पहचान छुपा लेती हैं. यह घटना न सिर्फ हैरान करने वाली है, बल्कि ट्रैफिक नियमों को लेकर एक गंभीर सवाल भी खड़ा करती है.

यह मामला हैदराबाद के पॉश जुबली हिल्स इलाके का है, जहां शनिवार रात पुलिस नियमित जांच कर रही थी. इसी दौरान डॉक्टर गौतम रेड्डी को उनकी बीएमडब्ल्यू कार में रोका गया. जब उनसे ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने को कहा गया, तो उन्होंने रिमोट कंट्रोल के जरिए अपनी कार की नंबर प्लेट बदल दी, जिससे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी चौंक गए.

हाईटेक नंबर प्लेट का खेल

जांच में सामने आया कि कार में एक खास फ्लिप मैकेनिज्म लगाया गया था, जिससे बटन दबाते ही नंबर प्लेट बदल जाती थी. एक प्लेट तेलंगाना की ‘TS9FQ9999’ थी, जबकि दूसरी दिल्ली की ‘DL6CM7097’. यह सिस्टम बिल्कुल ऐस्टन मार्टिन DB5 की तरह काम करता था, जिसे कई जेम्स बॉन्ड फिल्मों में दिखाया गया है.

ई-चालान से बचने की चाल

पुलिस के मुताबिक, यह तकनीक ट्रैफिक कैमरों और ई-चालान से बचने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. यानी ड्राइवर जरूरत के हिसाब से नंबर प्लेट बदलकर अपनी पहचान छुपा सकता था. अधिकारियों का मानना है कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है.

शराब के नशे में ड्राइविंग

मामले को और गंभीर बनाता है आरोपी का शराब पीकर गाड़ी चलाना. जांच में डॉक्टर के खून में अल्कोहल का स्तर 137 mg/100 ml पाया गया, जो तय सीमा 30 mg/100 ml से कई गुना ज्यादा है.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही, कार को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. 

पुलिस अब उस डेकोरेशन यूनिट की भी तलाश कर रही है, जहां इस तरह का अवैध सिस्टम लगाया गया था. यदि कोई इसमें शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

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