शराब के शौकीनों को इस होली में मिलेगा तोहफा, सरकार ने एक बार में छह बोतल तक ले जाने की दी इजाजत

हिमाचल प्रदेश में सुखू सरकार ने नई एक्साइज़ पॉलिसी के तहत शराब के ट्रांसपोर्टेशन और बिक्री से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. अब ट्रैवल करते समय छह बोतल ले जाने की इजाजत होगी और गैर-कानूनी शराब पर रोक लगाने के लिए QR कोड का इस्तेमाल किया जाएगा.

Date Updated Last Updated : 20 February 2026, 07:45 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: X

शिमला: हिमाचल प्रदेश में सुखू सरकार ने राज्य की नई एक्साइज़ पॉलिसी के जरिए शराब के शौकीनों और टूरिज्म सेक्टर के लिए नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने न सिर्फ शराब की कीमतों और मार्जिन में बदलाव किया है, बल्कि ट्रैवल करते समय शराब ले जाने की लिमिट को भी तीन गुना कर दिया है. इस पॉलिसी का मुख्य मकसद गैर-कानूनी शराब की बिक्री पर रोक लगाना और राज्य का रेवेन्यू बढ़ाना है.

गैर-कानूनी शराब और रेवेन्यू मॉनिटरिंग: QR कोड जरूरी

सुखू सरकार ने नकली शराब के धंधे को खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. अब शराब की हर बोतल पर एक QR कोड लगा होगा। इससे न सिर्फ शराब को ट्रैक करना आसान होगा, बल्कि कस्टमर इसकी असली होने की पुष्टि भी कर सकेंगे. सरकार का मानना ​​है कि इस ट्रांसपेरेंट सिस्टम से गैर-कानूनी बिक्री पर रोक लगेगी और रेवेन्यू में काफी बढ़ोतरी होगी.

देसी शराब और पाउच पर बैन: सेफ्टी स्टैंडर्ड कड़े करना

सरकार ने देसी शराब की क्वालिटी और पैकेजिंग को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. अब देसी शराब सिर्फ एक्साइज कमिश्नर से अप्रूव्ड बोतलों में ही भरी जाएगी. हर बोतल पर होलोग्राम जैसे तय सिक्योरिटी मार्किंग ज़रूरी होंगे. सबसे बड़ा बदलाव पाउच में देसी शराब की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगाना है. हालांकि, पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में खास हालात को देखते हुए कमिश्नर के पास लिमिटेड अधिकार होंगे, लेकिन सेफ्टी स्टैंडर्ड को प्राथमिकता दी जाएगी.

घरेलू और सोशल फंक्शन के लिए नए कोटे

सरकार ने फैमिली और सोशल इवेंट के लिए भी साफ लिमिट तय की हैं. अब एक स्पेशल परमिट के तहत, शादियों या दूसरे घरेलू फंक्शन में 72 बोतल वाइन और 78 बोतल बीयर सर्व करने की इजाजत होगी. यह कदम सेलिब्रेशन के दौरान अफरा-तफरी रोकने और कानूनी लिमिट के अंदर शराब की अवेलेबिलिटी पक्का करने के लिए उठाया गया है.

सम्बंधित खबर