नई दिल्ली: भारत को 2018 अंडर-19 विश्व कप जिताने वाले युवा क्रिकेटर मनजोत कालरा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी नहीं बल्कि एक कानूनी मामला है. श्रीलंका में लंका प्रीमियर लीग (LPL) 2026 के दौरान मनजोत कालरा को कथित भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है. उनके साथ भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा को भी हिरासत में लिया गया है. दोनों को अदालत ने 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनजोत कालरा पर आरोप है कि उन्होंने एक खिलाड़ी को मैच फिक्सिंग के लिए उकसाने की कोशिश की. इस मामले की जांच श्रीलंका की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) कर रही है, जो खेलों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करती है. फिलहाल जांच जारी है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है.
गिरफ्तारी के बाद श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का लंका प्रीमियर लीग 2026 के आयोजन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बोर्ड ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और लीग की पारदर्शिता व निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
SLC ने दोहराया कि टूर्नामेंट में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनैतिक गतिविधि के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी. बोर्ड की एंटी-करप्शन यूनिट लगातार सरकारी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है.
मनजोत कालरा ने 2018 आईसीसी अंडर-19 विश्व कप फाइनल में शानदार शतक लगाकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनकी दमदार पारी के बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा माना गया था.
बाद में उन्होंने पेशेवर क्रिकेट से दूरी बनाकर खेल कारोबार की ओर कदम बढ़ाया और हाल ही में लंका प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी जाफना किंग्स के सह-मालिक बने थे.
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में आगे की सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है. अभी तक आरोप साबित नहीं हुए हैं. इस घटना ने क्रिकेट जगत में हलचल जरूर मचा दी है और सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है.