नई दिल्ली: सनराइजर्स हैदराबाद विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. सनराइजर्स द्वारा 'द हंड्रेड' नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने का मामला बड़े विवाद में फंस गया है. रविवार को लंदन में हुई पहली पुरुष द हंड्रेड नीलामी में काव्या मारन के स्वामित्व वाली सनराइजर्स ने इस क्रिकेटर को लगभग 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा था.
अब इस पर काव्या मारन और सनराइजर्स हैदराबाद को लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीज अब आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष और भगोड़े ललित मोदी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया रखी है.
आईपीएल के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब प्रशंसक पहले से नाराज हैं, तब इतनी बड़ी रकम खर्च करना समझदारी नहीं है. साथ ही उन्होंने इशारों में अपनी ‘इमेज मैनेजमेंट’ विशेषज्ञता की पेशकश भी की. उन्होंने कहा कि मुझे ‘इमेज मैनेजमेंट’ बनाने का अच्छा-खासा अनुभव है. इसके लिए मुझसे संपर्क करें.
Controversy over #players has hit @thehundred with the @sunrisersleeds pic.twitter.com/xBgnmwcgf4
— Lalit Kumar Modi (@LalitKModi) March 16, 2026
ललित मोदी को तो पूरे देश में भली भांति जाना जाता है. उन पर लगे कई आरोपों के कारण वह भारत छोड़कर भाग गए थे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ललित मोदी 2010 में कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और आईपीएल से जुड़े प्रॉक्सी स्वामित्व के आरोपों के बाद भारत से भाग गए थे.
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया था कि उन्होंने 2009 में आईपीएल के प्रसारण अधिकारों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया में हेरफेर किया था, जिसके बदले में उन्हें कथित तौर पर 125 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिश्वत मिली थी.
ज्ञात हो कि पाकिस्तानी खिलाड़ी आज से नहीं बल्कि 2008 के बाद से ही खेलते नजर नहीं आते हैं. पाक प्लेयर आईपीएल में पहली और आखिरी बार साल 2008 में ही खेलते दिखाई दिए थे. बता दें उसी साल मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत में उनके खेलने पर अनौपचारिक प्रतिबंध लागू हो गया. तब से भारतीय फ्रेंचाइजी आमतौर पर विदेशी लीगों में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल करने से बचती रही हैं.