नई दिल्ली: आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत की शानदार जीत के बाद टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. उनका मानना है कि क्रिकेट जैसे टीम खेल में व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स या उपलब्धि से ज्यादा मायने ट्रॉफियों के होते हैं. जीत के बाद उन्होंने साफ कहा कि टीम की असली सफलता रन, शतक या व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं बल्कि खिताब जीतने से तय होती है.
भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक जीत के बाद गंभीर ने मीडिया से बातचीत में टीम संस्कृति और खिलाड़ियों की सोच को लेकर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि उनकी कोचिंग के दौरान टीम का ध्यान व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा ट्रॉफी जीतने पर रहेगा.
भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से व्यक्तिगत रिकॉर्ड और उपलब्धियों पर अधिक चर्चा होती रही है, लेकिन उनकी सोच इससे अलग है.
उनके अनुसार टीम खेल का असली उद्देश्य सामूहिक जीत होता है. उन्होंने कहा कि जब तक वह टीम के साथ जुड़े रहेंगे, तब तक उनका ध्यान केवल ट्रॉफी जीतने पर ही रहेगा, न कि व्यक्तिगत आंकड़ों पर.
इस दौरान कोच गंभीर ने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव की भी जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार एक शानदार कप्तान हैं और उनकी सोच भी टीम को प्राथमिकता देने वाली है.
गंभीर के अनुसार, ड्रेसिंग रूम में नेता की भूमिका केवल कप्तान होने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार ने इस फॉर्मेट में उनके काम को काफी आसान बना दिया है.
गंभीर ने टूर्नामेंट के दौरान भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामक और निडर बल्लेबाजी का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत माइल स्टोन के बजाय टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी.
उन्होंने संजू सैमसन की हालिया पारियों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी व्यक्तिगत लक्ष्य के टीम के लिए तेज और प्रभावी बल्लेबाजी की. अगर संजू चाहते तो वह अपने शतक के पीछे जा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया. उन्होंने अपने शतक से पहले टीम को रखा.
गंभीर हमेशा से अपनी टीम के लिए समर्पित रहे हैं. उन्होंने हमेशा ही खुद से ऊपर अपनी टीम को रखा है. ऐसे में आज जब वह भारतीय टीम के हेड कोच हैं टीम की सफलता के बारे में ही सोचते हैं. गंभीर ने कहा कि क्रिकेट में जश्न मनाने के तरीके में बदलाव की जरूरत है.
उनके अनुसार व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय टीम की सामूहिक सफलता को ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ट्रॉफी जीतना ही किसी भी टीम खेल का अंतिम उद्देश्य होता है.