उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के भलस्वा डेरी थाना इलाके से एक बेहद दर्दनाक और भयावह दुर्घटना सामने आई है. यहां के मुकुंदपुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक घर के भीतर घरेलू एलपीजी सिलेंडर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया. ब्लास्ट इतना भीषण था कि देखते ही देखते करीब 250 वर्ग गज में बना एक मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गया. इस हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और घर में रह रहे कई लोग मलबे के नीचे दब गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस और दिल्ली दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर सर्च तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. राहत की बात यह है कि मलबे से अब तक 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
दिल्ली फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार नियंत्रण कक्ष को आज सुबह ठीक 9 बजकर 37 मिनट पर एक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई थी. कॉलर ने बताया कि मुकुंदपुर पार्ट-2 स्थित इशु विहार की गली नंबर 1 में एक जोरदार धमाका हुआ है और उसके प्रभाव से पूरा मकान ढह गया है. हादसे की गंभीरता को देखते हुए दमकल मुख्यालय ने तुरंत एक के बाद एक कुल 5 दमकल की गाड़ियां और बचाव दल को दुर्घटनास्थल के लिए रवाना किया.
दमकल विभाग के स्टेशन ऑफिसर गिरिराज ने जांच के आधार पर पुष्टि की है कि यह दुर्घटना रसोई गैस सिलेंडर फटने की वजह से हुई है. बताया जा रहा है कि इस 250 गज के विशाल एक मंजिला मकान में कुछ दिहाड़ी मजदूर अपने-अपने परिवारों के साथ किराए पर रहते थे. सुबह जब घरों में खाना बन रहा था तभी अचानक एक सिलेंडर ने आग पकड़ ली और उसमें जोरदार विस्फोट हो गया.
मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए दमकल कर्मियों और पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. अब तक मलबे को हटाकर दो महिलाओं सहित कुल छह लोगों को बाहर निकाला जा चुका है. राहत की बात यह रही कि इनमें से दो लोगों को बेहद मामूली चोटें आई हैं. सभी घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यहा डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब मलबे के अंदर और किसी भी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका नहीं है. लेकिन एहतियात के तौर पर कंक्रीट के मलबे को पूरी तरह हटाने का काम जारी है.